धर्ममहेंद्रगढ़हरियाणा

धनुष यज्ञ और लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला में दर्शक हुए मंत्र मुग्ंध

 ब्यूरो चीफ सतीश कुमार महेंद्रगढ़ हरियाणा

 

नारनौल:- भगवान नारायण सेवा संस्था रजिस्टर्ड द्वारा श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब अनाज मंडी के मंच पर चौथे दिन धनुष यज्ञ और लक्ष्मण परशुराम संवाद का भावपूर्ण लीला का मंचन हुआ! रामलीला कमेटी के प्रभारी दयानंद सैनी मंत्री ने बताया कि रामलीला में मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव थे! अध्यक्षता सीताराम भोजावासिया ने कि!

 रामलीला कमेटी के प्रभारी दयानंद सैनी मंत्री कोषाध्यक्ष विजय जैन जोगिंदर शर्मा , रवी गर्ग, वासुदेव सिंघल ने मुख्य अतिथि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओम प्रकाश यादव का माला पहनकर स्वागत किया वह प्रभारी दयानंद सैनी मंत्री,कोषाध्यक्ष विजय जैन शुभम सोनी,सुरेश पंसारी ने सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री ओम प्रकाश यादव का स्मृति

पत्र देकर स्वागत किया!मुख्यअतिथि ओम प्रकाश यादव ने कहा कि भगवान नारायण सेवा संस्था रजिस्टर्ड द्वारा श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब बधाई के पात्र हैं!

शहर कि प्राचीन परंपरा है भगवान राम के चरित्र के प्रति आने वाले पीढ़ी को अवगत करवाने कि जो बात है! हर साल इस तरह का कार्यक्रम करते हैं जो सभी के पदाधिकारी वह बधाई के पत्र है!दीप प्रज्जवलित सुरेश पंसारी ने किया!भगवान नारायण सेवा संस्था रजिस्टर्ड द्वारा श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब अनाज मंडी के मंच से कलाकारों ने धनुष यज्ञ और लक्ष्मण परशुराम संवाद का भावपूर्ण मंचन किया। शिव धनुष टूटने के बाद पहुंचे परशुराम आक्राेशित हो जाए है, इसपर मर्यादा पुरूषोत्म श्री राम कहते है नाथ संभुधनु भंजनिहारा, होइहि केउ एक दास तुम्हारा। अर्थात हे नाथ शिवजी के धनुष को तोड़ने वाला कोई एक दास ही होगा। इसके बाद परशुराम आैर लक्ष्मण का संवाद होता है, जिसे सुनकर दर्शक उत्साहित हो उठते है।इसके बाद राजा जनक के दरबार में आयोजित सीता स्वयंवर देश विदेश के अनेकों राजा सम्मिलित होने का सचिव मंचन किया। जहां राम, लक्ष्मण से लेकर रावण तक मौजूद होते है। आकाशवाणी के कारण रावण चला जाता है। इसके बाद धनुष उठाने की कार्यवाही शुरू होती है। सभी राजा धनुष को उठाने के लिए पूरा जोर लगाते हैं, किंतु शिव धनुष उनसे टस से मस भी नहीं होता है। यह देखकर राजा जनक दुखी होकर ये कहते हैं कि यदि मुझे ये पता होता कि पृथ्वी वीर विहीन हो गई तो मैं स्वयंवर का आयोजन ही नहीं करता। ये सुनकर लक्ष्मण आवेश में आ जाते हैं और वे आवेश में आकर श्रीराम के बल एवं गुणों का बखान करते हैं। तब विश्वामित्र का इशारा पाकर राम धनुष की ओर चलते हैं और देखते ही देखते धनुष को उठाकर सहज ही भंग कर देते हैं। उपस्थित राजाओं में खलबली मचती है तभी परशुराम आ जाते हैं, वे अपना आक्रोश प्रदर्शित करते हुए धनुष तोड़ने वाले की हत्या करने को तैयार हो जाते हैं तब लक्ष्मण आवेश में आकर परशुराम को बहुत कुछ कहते हुए समझाने का प्रयास करते हैं, किंतु राम के शांति प्रदर्शन ने परशुराम का गुस्सा शांत कर दिया। परशुराम ने राम की परीक्षा लेने के लिए राम को अपना धनुष चढ़ाने के लिए दिया। राम ने सहज ही धनुष को चढ़ा दिया जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि ईश्वर का अवतार हो गया है राम रमापति कर धनु लेहू की खींचहूं चाप मिटे संदेहू। बोलकर परशुराम तप करने के लिए चले जाते है!रामलीला कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने बताया कि रामलीला मे राम-

अरविंद सैनी,लक्ष्मण-ध्रुव वर्मा परशुराम-मनोज निर्मल,बाणासुर- मनोज तायल,रावण-साकाल पटेल सिंह-चेतराम

सैनी,जनक-मनोज गोयल,विश्वामित्र-हनी बंसल सीता-दिनेश सैनी,सखी-सतीश बेदी,मंच संचालक- रतन लाल आदि कलाकारों ने अपनी कला से सबका मन मोह लिया! संगीतकार रतन लाल हारमोनियम,हरप्रसाद कोहली नकारी, सीताराम शर्मा ढोलक ने भी सबका मन मोह लिया!रामलीला मंचन में मनोज निर्मल,विजय जैन,जोगिंदर शर्मा, दया डुलगच, पप्पी छककड,

संजय वर्मा,अरविंद सैनी,मुकेश शर्मा,शुभम सोनी,वासुदेव,गौरव सिंघल, रवि गर्ग, डॉं० ओमप्रकाश सैनी,सत्यनारायण भगत जी,नंदू आदि मौजूद थे!

Satish Kumar

Beauro Chief Mahendragarh Haryana

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