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बाढ़ प्रभावित गांव तरारांवाली (बफलियाज़) में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित
प्राकृतिक आपदा के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाई चिकित्सा सेवाएं

सुरनकोट/पुंछ, 02 अगस्त 2026
ब्यूरो चीफ राजेश कुमार पुंछ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की मिशन निदेशक श्रीमती आकृति सागर (आईएएस), उपायुक्त पुंछ श्री अशोक कुमार शर्मा (जेकेएएस) तथा स्वास्थ्य सेवाएं जम्मू की निदेशक डॉ. पूनम सेठी के निर्देशों पर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पुंछ डॉ. परवेज अहमद खान के मार्गदर्शन एवं ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) सुरनकोट डॉ. मोहम्मद यूसुफ की प्रत्यक्ष निगरानी में आज बाढ़ प्रभावित गांव तरारांवाली, बफलियाज़ में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह शिविर क्षेत्र में हाल ही में आई अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड), भूस्खलन और बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) जैसी प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनज़र स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान का हिस्सा था। शिविर में प्रभावित लोगों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं तथा लगभग 500 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। इसके साथ ही गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की भी जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने आपदा के बाद बढ़ने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए लोगों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के बारे में विस्तार से जागरूक किया। इनमें दस्त, हैजा, टाइफाइड, पेचिश, हेपेटाइटिस-ए एवं ई जैसी जलजनित बीमारियां, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियां, सांप के काटने से बचाव, लेप्टोस्पायरोसिस, त्वचा एवं फंगल संक्रमण, नमी के कारण होने वाले श्वसन संबंधी संक्रमण, तथा भूस्खलन और मलबे से होने वाली चोटों से बचाव के उपाय शामिल थे।
शिविर के दौरान लोगों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने तथा सांप के काटने और अन्य चोटों की प्राथमिक चिकित्सा के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पुंछ डॉ. परवेज अहमद खान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के इस कठिन समय में स्वास्थ्य विभाग प्रभावित लोगों को उनके घर-द्वार तक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में किसी भी व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विभाग आने वाले दिनों में भी प्रत्येक प्रभावित गांव तक पहुंचकर नि:शुल्क दवाइयां, स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियान जारी रखेगा।
यह स्वास्थ्य शिविर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की उस निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत प्राकृतिक आपदा के बावजूद दूरदराज़ और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर पहुंचाई जा रही हैं।

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