ब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसतना
पत्रकारिता दिवस के अवसर पर विशेष सम्मान समारोह एवं संयुक्त संदेश

31 मई: पत्रकारिता दिवस के अवसर पर विशेष सम्मान समारोह एवं संयुक्त संदेश
आज सर्किट हाउस, सतना के सभागार में **भारतीय मजदूर संघ** एवं **मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ** की जिला इकाई के पदाधिकारियों द्वारा एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही *”खुली ट्रांसफर नीति”* के अंतर्गत कर्मचारी हितों की रक्षा करना, नीतिगत विसंगतियों को दूर करना और धरातल पर आ रही व्यावहारिक समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराना रहा।
*प्रेस वार्ता में उपस्थित मुख्य पदाधिकारी*
प्रेस वार्ता को मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारियों द्वारा संबोधित और संचालित किया गया:
* **भारतीय मजदूर संघ:**
* योगेन्द्र सिंह (जिला अध्यक्ष)
* शरद तिवारी (जिला सचिव)
* **मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ:**
जितेंद्र त्रिपाठी (जिला अध्यक्ष)
वीरेंद्र सिंह (जिला मंत्री)
अन्य गरिमामयी उपस्थिति: श्री राजेन्द्र उपाध्याय ( संरक्षक) , ऋषिकेश गुप्ता (जिला कोषाध्यक्ष)
जैनेन्द्र गौतम (उपाध्यक्ष), शपद्मधर द्विवेदी, मोहित गर्ग एवं अनिल शर्मा जी।
*प्रेस वार्ता के मुख्य बिंदु एवं संयुक्त संदेश*
दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से मीडिया के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें रेखांकित कीं:
*नीति का स्वागत परंतु पारदर्शिता की मांग* हम सरकार की खुली ट्रांसफर नीति का स्वागत करते हैं, लेकिन यह नीति केवल कागजों पर न रहकर पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होनी चाहिए। ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
*गंभीर बीमारी और पति-पत्नी नीति को प्राथमिकता*
गंभीर बीमारी कैंसर, किडनी रोग, या हृदय रोग से पीड़ित कर्मचारियों या उनके आश्रितों के मामलों में बिना किसी देरी के स्वैच्छिक स्थानांतरण का लाभ मिलना चाहिए।
सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी को एक ही जिले या ब्लॉक में पदस्थ करने के नियम का कड़ाई से पालन हो, ताकि उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित न हो
*पारस्परिक (Mutual) और स्वैच्छिक स्थानांतरण पर सरलता*
पदाधिकारियों ने जोर दिया कि जिन कर्मचारियों के आपसी (Mutual) ट्रांसफर के आवेदन हैं, उन्हें बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के तुरंत स्वीकृति मिलनी चाहिए, क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर कोई वित्तीय भार (भत्ता आदि) नहीं *अतिशेष (Surplus) और दुर्गम क्षेत्रों के कर्मचारियों को राहत*
कई वर्षों से ग्रामीण या दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनकी पसंद के स्थानों पर आने का मौका मिले।
युक्तियुक्तकरणके नाम पर कर्मचारियों का अनावश्यक उत्पीड़न तुरंत रोका जाए।
प्रेस वार्ता के अंत में पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से संकल्प दोहराया गया “कर्मचारी शासन व्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि इस ट्रांसफर नीति की आड़ में किसी भी स्तर पर कर्मचारियों का शोषण, तुष्टिकरण या लेन-देन की शिकायत सामने आती है, तो भारतीय मजदूर संघ और मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ चुप नहीं बैठेंगे। हम सड़क से लेकर शासन स्तर तक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
इस प्रेस वार्ता के माध्यम से दोनों संगठनों के जिला सचिवों और अध्यक्षों ने स्पष्ट किया कि वे जल्द ही जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम एक संयुक्त ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें इन सभी मांगों का विस्तृत ब्यौरा शामिल होगा।

Subscribe to my channel


