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Narnoul News तीसरे दिन सुबहु मरीच, अहिल्या उद्धार फुलवारी जनक संदेश का मंचन हुआ

ब्यूरो चीफ सतीश कुमार महेंद्रगढ़ हरियाणा

 

 

भगवान नारायण सेवा संस्था रजिस्टर्ड द्वारा श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब अनाज मंडी के मंच पर तीसरे दिन सुबाहु मारीच, फुलवारी ,जनक संदेश,अहिल्या उद्धार लीला का मंचन हुआ! रामलीला कमेटी के प्रभारी दयानंद सैनी मंत्री ने बताया कि रामलीला में मुख्य अतिथि नीरज राव सरपंच व मनोज सेकवाल रहे! प्रेम गुलाटी समाजसेवी के द्वारा सरस्वती मैया के दीप प्रज्वलित कर गणेश पूजन के साथ रिबन काटकर लीला प्रारंभ करवाया ! अध्यक्षता मार्किट कमेटी के पूर्व उपप्रधान रामजीलाल मित्तल ने कि

रामलीला कमेटी के कोषाध्यक्ष विजय जैन ने बताया की जब राम लक्ष्मण ताड़का को मार देते हैं तब यह बात सुबाहू मरीच को पता लगती है तो सुबह मारीच ताड़का का बदला लेने के लिए राम लक्ष्मण से युद्ध करने वन में आते हैं और युद्ध करते करते सुबाहु मारा जाता है और मरीच डर कर भाग जाता है वन में रास्ते में अहिल्या रूपी सिला भगवान राम लक्ष्मण को दिखाई देती है तब भगवान विश्वामित्र जी से शीला के बारे में पूछते हैं विश्वामित्र जी कहते हैं कि यह अहिल्या है जो गौतम ऋषि के श्राप के कारण पत्थर की शिला रूप में रह गई है आप इसे अपने चरणों से स्पर्श करके अहिल्या रूप में बना दें तब भगवान चरण स्पर्श से अहिल्या को श्राप मुक्त करते हैं अहिल्या भगवान से प्रार्थना करती है प्रभु आप मुझे परम धाम जाने का आशीर्वाद दें राजा जनक अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए एक स्वयंवर धनुष यज्ञ का आयोजन करते हैं जिसका निमंत्रण विश्वामित्र जी के पास उनका दूत लेकर आता है तभी विश्वामित्र जी राम लक्ष्मण को भी अपने साथ ले जाते हैं वहां विश्वामित्र जी राम लक्ष्मण को फूल लाने के लिए कहते हैं तब राम लक्ष्मण वन में फूल लेने जाते हैं वन में राजा जनक की फुलवारी में फूल तोड़ने जाते हैं तो माली उन्हें रोककर कहता है कि आप इस फुलवारी में नहीं जा सकते आप को जनक नंदिनी की जय बोलनी होगी तब दोनों जनक नंदिनी की जय बोलते हैं और फुलवारी से फूल तोड़ते हैं फुलवारी में उनकी मुलाकात सीता से होती है सीता उन्हें दूर से देख कर चली जाती है राम लक्ष्मण वहां पर विचरण करते हुए कहते हैं की है पुष्प वाटिका बनी मनोहर प्यारी की है पुष्प वाटिका सबसे मनोहर है फिर राम लक्ष्मण फूल तोड़ कर विश्वामित्र जी के पास चले जाते हैं लीला को यहीं पर विराम दिया जाता है,

रामलीला कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने बताया कि रामलीला मे राम- ध्रुव वर्मा ,लक्ष्मण- कनिष्क कोहली,विश्वामित्र -पारस गर्ग,सुबहु- जगदीश बिल्ला

,मारीच-महावीर ,अहिल्या -अरविद सैनी,माली- हननी बंसल,सखी- सतीश वेदी,सदेशवाहक – वासुदेव सिंघल

,मंच संचालक- रतन लाल आदि कलाकारों ने अपनी कला से सबका मन मोह लिया! संगीतकार रतन लाल हारमोनियम,हरप्रसाद कोहली नकारी, सीताराम शर्मा ढोलक ने भी सबका मन मोह लिया!रामलीला मंचन में मनोज निर्मल,विजय जैन,जोगिंदर शर्मा, दया डुलगच,

संजय वर्मा,अरविंद सैनी,मुकेश शर्मा,शुभम सोनी,वासुदेव,गौरव सिंघल, रवि गर्ग, डॉं० ओमप्रकाश सैनी,सत्यनारायण भगत जी,नंदू आदि मौजूद थे!

Satish Kumar

Beauro Chief Mahendragarh Haryana

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