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डेयरी उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के तृतीय बैच का हुआ शुभारंभ

सरस एमडी श्री राजेश नारायण एवं उप निदेशक राजेश कुमार ने किया उद्घाटनए वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन व मूल्य संवर्धन पर रहेगा विशेष जोर

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

 

 

भरतपुर/बीकानेर। भरतपुर जिले के अटारी गांव में नाबार्ड द्वारा प्रायोजित डेयरी उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय दस दिवसीय बैच का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि सरस के प्रबंध निदेशक राजेश नारायण एवं महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में डेयरी किसान और स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान द्वारा नाबार्ड समर्थित सर्वार्थ सिद्धि मस्टर्ड एंड एग्रो प्रोसेसिंग फ ार्मर प्रोड्यूसर लिमिटेड के सदस्यों के लिए आयोजित किया जा रहा है। तृतीय बैच में प्रशिक्षणार्थियों को वैज्ञानिक डेयरी फ ार्मिंग के तरीकों, दूध उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों, डेयरी उत्पादों में मूल्य संवर्धन, कृत्रिम गर्भाधान एवं नस्ल सुधार, डेयरी उद्यमिता के माध्यम से आय वृद्धि तथा बाजार से जुडऩे के अवसरों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

उद्घाटन समारोह में सरस के प्रबंध निदेशक राजेश नारायण, महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक राजेश कुमार, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक शिवम कुमार अग्रवाल, एफपीओ अध्यक्ष बृजभूषण शर्मा एवं श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान के सचिव धर्मपाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले डेयरी किसानों और ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक शिरकत की।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने ग्रामीण आय और रोजगार के एक स्थायी स्रोत के रूप में डेयरी उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मूल्य संवर्धन और गुणवत्ता में सुधार के माध्यम से किसान अपने डेयरी उत्पादों के लिए न केवल व्यापक बाजार तक पहुंच बना सकते हैं। बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान अर्जित कर सकते हैं।

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक शिवम कुमार अग्रवाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कौशल विकासए उद्यमिता को बढ़ावा देने और क्षमता निर्माण की पहलों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना नाबार्ड की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

मुख्य अतिथि राजेश नारायण ने अपने संबोधन में कहाए ग्रामीण किसानों के बीच डेयरी विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं और एक सशक्त डेयरी अर्थव्यवस्था का निर्माण कर सकते हैं।

शिवम कुमार अग्रवाल ने कहा कि नाबार्ड डेयरी उद्यमिता और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य है कि किसान न केवल दूध उत्पादन बढ़ाएंए बल्कि प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से बेहतर मूल्य भी प्राप्त करें। सचिव धर्मपाल ने संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान ज्ञान.आधारित प्रयासों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि यह प्रशिक्षण भरतपुर जिले के डेयरी किसानों के लिए स्थायी आर्थिक बदलाव का माध्यम बने।

यह दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को लाभदायक और टिकाऊ डेयरी उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी कौशल से लैस करेगा।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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