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नई शिक्षा पद्धति और करियर मार्गदर्शन का संगम बना शांति निकेतन

करियर चयन से क्लासरूम इनोवेशन तक

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग

 

 

बालोतरा l विद्यालय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अयूब के. सिलावट ने बताया कि शांति निकेतन इंग्लिश मीडियम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बालोतरा में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और करियर मार्गदर्शन को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर जोधपुर के लक्की इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के प्राचार्य एवं प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. अर्जुन सिंह सांखला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

 कार्यक्रम को दो प्रमुख सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें एक ओर विद्यार्थियों को करियर चयन के बारे में मार्गदर्शन दिया गया, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों के लिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में “द वे टू चूज़ ए सक्सेसफुल करियर” विषय पर सेमिनार हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को अपने भविष्य के प्रति सजग और जागरूक बनने की प्रेरणा दी गई। डॉ. सांखला ने विद्यार्थियों को आत्म-खोज, करियर विकल्पों की जानकारी, लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक सोच के महत्व को समझाया।

 उन्होंने बताया कि सही करियर का चुनाव केवल अंकों के आधार पर नहीं, बल्कि रुचि, क्षमता और स्पष्ट लक्ष्य के आधार पर होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने CUET परीक्षा की तैयारी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया और विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेज के अवसरों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। प्रश्न-उत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और सिविल सेवाओं से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सरल और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया।

दूसरे सत्र में शिक्षकों के लिए “Outcome Based Education एवं Flipped Classroom Concept” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। डॉ. सांखला ने बताया कि आधुनिक शिक्षा में केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक अध्याय का स्पष्ट और मापने योग्य लर्निंग आउटकम होना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति अपनाने, इंटरैक्टिव गतिविधियों को बढ़ावा देने, समूह चर्चा और तकनीकी साधनों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने फ्लिप्ड क्लासरूम की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि इससे विद्यार्थी अधिक सक्रिय रूप से सीखने में भाग लेते हैं और उनकी समझ बेहतर होती है।

विद्यालय की प्राचार्य ने डॉ. सांखला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए अत्यंत लाभदायक होते हैं। इससे विद्यार्थियों को अपने करियर की स्पष्ट दिशा मिलती है और शिक्षक आधुनिक शिक्षण तकनीकों से परिचित होते हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी एवं मंच संचालक प्रीति गांधी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अर्जुन सिंह सांखला के व्यक्तित्व और उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। वे छह विषयों में स्नातकोत्तर हैं और संस्कृत में स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुके हैं। पिछले लगभग दो दशकों से वे शिक्षा क्षेत्र में प्राचार्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे शिक्षा मनोविज्ञान और युवा प्रेरणा पर 11 पुस्तकों के लेखक हैं तथा विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शैक्षणिक मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। इसके अलावा, वे D.El.Ed., B.Ed. और M.Ed. पाठ्यक्रम निर्माण से जुड़ी कोर टीम के सदस्य भी रहे हैं।

प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर आरती गोयल ने बताया कि इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी और स्थानीय शिक्षाविद बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

Santosh Kumar Garg

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