बालोतराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान
बालोतरा में राष्ट्रीय लोक अदालत: 974 प्रकरणों का निस्तारण, 5.95 करोड़ रुपये से अधिक के अवार्ड पारित

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
बालोतरा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार 10 अक्टूबर 2026 को बालोतरा न्यायक्षेत्र के समस्त न्यायालयों में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। लोक अदालत के दौरान आपसी समझाइश और राजीनामे के माध्यम से कुल 974 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इन प्रकरणों में कुल 5 करोड़ 95 लाख 6 हजार 278 रुपये की राशि के अवार्ड पारित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोतरा के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश एम.आर. सुथार के निर्देशन में लोक अदालत के लिए कुल छह बेंचों का गठन किया गया। इन बेंचों में न्यायिक अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोक अदालत में पक्षकारों के साथ-साथ बीमा कंपनियों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों तथा बिजली, जलदाय, टेलीफोन, खनन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
आपसी समझाइश से हुआ प्रकरणों का निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एम.आर. सुथार ने बताया कि लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों में पक्षकारों को नोटिस जारी कर उनकी तामील करवाई गई। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में पक्षकार लोक अदालत में उपस्थित हुए और आपसी समझाइश के माध्यम से विवादों का समाधान किया गया।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निस्तारण होने से आमजन को सस्ता, सुलभ एवं सुगम न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य को बल मिला है।
बालोतरा मुख्यालय पर तीन बेंचों का गठन
बालोतरा जिला मुख्यालय पर न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के निस्तारण के लिए तीन बेंचों का गठन किया गया। इनमें जिला एवं सेशन न्यायाधीश एम.आर. सुथार बेंच के अध्यक्ष रहे। प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के लिए अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नुकेश भगोरा के नेतृत्व में बेंच गठित की गई। वहीं, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्तर तक के प्रकरणों के निस्तारण के लिए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1 बालोतरा डॉ. रामचन्द्र चौहान ने बेंच की अध्यक्षता की।
बेंचों के सदस्य के रूप में अधिवक्ता कैलाशचंद माहेश्वरी, भंवरलाल विश्नोई, करणसिंह चारण, खीमाराम, अमराराम चौधरी एवं राजेन्द्र कुमार गहलोत सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र कुमार, कनिष्ठ सहायक राजेश नागर, भुवनेश, मोहित दान, प्रवीण कुमार तथा अधिकार मित्र पंकज डाभी एवं मोहम्मद फिरोज ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
बैंकों और विभिन्न विभागों ने निभाई अहम भूमिका
लोक अदालत में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के निस्तारण के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक (आरएमजीबी), श्रीराम फाइनेंस, बेलस्टार फाइनेंस, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं पंजाब नेशनल बैंक सहित विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसके अलावा बालोतरा, पाटोदी, पचपदरा, टापरा, सिणधरी एवं दांखा सहित विभिन्न क्षेत्रों की बैंक शाखाओं के प्रबंधकों, बीमा कंपनियों तथा बिजली एवं जलदाय विभाग के अधिकारियों ने भी प्रकरणों के निस्तारण में सहयोग किया। बालोतरा न्यायक्षेत्र के अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मचारियों की सहभागिता से लोक अदालत का आयोजन सफल रहा।
लोक अदालत के फैसले पक्षकारों पर बाध्यकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोतरा के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश नुकेश भगोरा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से हुए राजीनामे के आधार पर पारित आदेश पक्षकारों पर बाध्यकारी होता है और उसे दीवानी न्यायालय की डिक्री के समान प्रभाव प्राप्त होता है। ऐसे आदेश के विरुद्ध सामान्य अपील का प्रावधान नहीं होता।
राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों का शीघ्र समाधान करना, न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना तथा आमजन को कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है। बालोतरा न्यायक्षेत्र में 974 प्रकरणों का निस्तारण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।

Subscribe to my channel


