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गायत्री यज्ञशाला में डॉ. ग्याशी राम गुप्ता ने किया पिंडदान एवं तर्पण, शेष जीवन समाजसेवा और गौसेवा को समर्पित करने का लिया संकल्प

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
भिवाड़ी। धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सेवा की भावना को आत्मसात करते हुए समाजसेवी डॉ. ग्याशी राम गुप्ता जी ने गायत्री परिवार के सानिध्य में गायत्री यज्ञशाला में विधि-विधान के साथ पिंडदान एवं तर्पण की परंपरा पूर्ण की। इस अवसर पर उन्होंने अपने जीवन के आगामी शेष समय को समाजसेवा, समाज कल्याण और गौसेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में हजारों लोगों के लिए भोज की व्यवस्था भी की गई।
गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में संपन्न धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वैदिक परंपराओं के अनुसार पिंडदान एवं तर्पण की विधियां पूर्ण की गईं। भारतीय संस्कृति में इन धार्मिक परंपराओं को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और पारिवारिक संस्कारों से जोड़कर देखा जाता है। डॉ. गुप्ता ने इस परंपरा को विधिवत पूर्ण करते हुए सेवा और परोपकार को अपने जीवन का प्रमुख उद्देश्य बनाए रखने का संकल्प लिया।
*अब समाजसेवा, गौसेवा और जनकल्याण को समर्पित रहेगा जीवन*
डॉ. ग्याशी राम गुप्ता का कहना है कि जीवन की सार्थकता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों में नहीं, बल्कि समाज और जरूरतमंद लोगों के लिए किए गए कार्यों में भी निहित है। समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता, बुजुर्गों का सम्मान, गौसेवा, संस्कार जागरण और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने अपने आगामी जीवन को समाज के हित में लगाने की भावना व्यक्त करते हुए सेवा, करुणा और परोपकार के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। उनका मानना है कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए।
*हजारों लोगों के भोज के साथ पूर्ण हुई परंपरा*
इस अवसर पर हजारों लोगों के लिए भोज का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के साथ सामूहिक भोज ने कार्यक्रम को सामाजिक सहभागिता और सेवा भावना से जोड़ा। भारतीय परंपरा में धार्मिक कर्मकांड के साथ अन्नदान और जरूरतमंदों को भोजन कराना परोपकार का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।
डॉ. ग्याशी राम गुप्ता की इस पहल का मुख्य संदेश यही रहा कि धार्मिक आस्था के साथ मानव सेवा और जीवों के प्रति करुणा को भी जीवन में समान महत्व दिया जाना चाहिए।
पिंडदान एवं तर्पण की विधि पूर्ण करने के साथ समाजसेवा, समाज कल्याण और गौसेवा के प्रति संकल्प व्यक्त कर डॉ. ग्याशी राम गुप्ता ने सेवा एवं समर्पण का संदेश दिया। गायत्री परिवार के सानिध्य में गायत्री यज्ञशाला में संपन्न यह आयोजन धार्मिक परंपरा, सामाजिक सहभागिता और जनकल्याण की भावना का संगम रहा।

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