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दानवीर सेठ जवेरीलाल गांधी मेहता की स्मृति सभा में उमड़ा जनसैलाब, भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जसोल/बालोतरा, 18 जुलाई। सिवांची–मालाणी क्षेत्र की प्रतिष्ठित अनाज व्यापारिक फर्म डूंगरचंद जवेरीलाल, धान मंडी बालोतरा के दानवीर एवं समाजसेवी सेठ जवेरीलाल गांधी मेहता (प्रभात ग्रुप) के निधन पर शुक्रवार को जसोल स्थित न्यू तेरापंथ भवन, नाकोड़ा रोड में श्रद्धांजलि एवं स्मृति सभा का आयोजन किया गया। सभा में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाज के वरिष्ठजनों, परिजनों एवं धर्मप्रेमियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
ज्ञात हो कि सेठ जवेरीलाल गांधी मेहता का 13 जुलाई 2026 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उनके उठावने के अवसर पर आयोजित स्मृति सभा का शुभारंभ नवकार महामंत्र के साथ हुआ। इस दौरान आचार्य श्री एवं साध्वी प्रमुखा श्री के शोक संदेशों का वाचन भी किया गया।
सभा में उनकी पोती ननीमूनी नरिचा ने भावुक होकर अपने दादाजी के स्नेह, सहनशीलता और परिवार के प्रति समर्पण को याद किया। वहीं दोहिति आयुषी कांकरिया एवं दोहिते ने भी काव्यात्मक श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने नानाजी के व्यक्तित्व को याद किया।
दामाद संदीप श्रीश्रीमाल ने कहा कि उन्हें अस्पताल में सेवा करने का अवसर मिला, जिसे वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी जवेरीलाल जी का मनोबल हमेशा ऊंचा रहा।
भांजे शांतिलाल भंसाली (उपासक) ने ननिहाल की स्मृतियों को साझा करते हुए परिवार द्वारा समाज, धर्म और गांव के लिए किए गए सेवा कार्यों का उल्लेख किया तथा परिवार के प्रति अपने स्नेह और सम्मान को व्यक्त किया।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पारसमल भंडारी ने कहा कि डूंगरचंद जवेरीलाल फर्म पिछले छह दशकों से बालोतरा धान मंडी में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। उन्होंने जवेरीलाल जी को स्पष्टवादी, निडर और सिद्धांतों पर चलने वाला व्यक्तित्व बताया।
तेरापंथ सभा मंत्री माणकचंद संखलेचा ने कहा कि 60 वर्षों से अधिक समय तक बिना किसी विवाद के पारिवारिक व्यापार को साथ मिलकर चलाना आज के समय में एक मिसाल है।
अखिल भारतीय तेरापंथ महासभा, जोधपुर संभाग प्रभारी गौतमचंद सालेचा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जवेरीलाल जी प्रतिदिन धर्म, ध्यान और सामायिक के बाद ही व्यापारिक कार्यों के लिए बालोतरा जाते थे। उन्होंने उनके अनुशासित एवं धार्मिक जीवन को सभी के लिए प्रेरणादायक बताया।
जोधपुर से आए विजयराज मेहता ने उन्हें सादगीपूर्ण और निष्ठावान व्यक्तित्व बताया, जबकि प्रकाश गांधी मेहता ने उनके व्यवहार-कुशल एवं सबको साथ लेकर चलने वाले स्वभाव को याद किया।
सूरत तेरापंथ सभा के अध्यक्ष महेन्द्र कुमार गांधी मेहता ने भावुक होकर गीत “सांसों का क्या भरोसा…” प्रस्तुत किया और कहा कि जवेरीलाल जी में बड़े परिवार को एकजुट रखने की अद्भुत क्षमता थी। वे अत्यंत सरल, शांत और दूसरों की चिंता करने वाले इंसान थे। उन्होंने अपने पुत्रों को सदैव अनुशासन और मूल्यों के साथ जीवन जीने की सीख दी। इस अवसर पर जितेंद्र कुमार मेहता ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में आचार्य श्री, साध्वी प्रमुखा श्री, मुनि पृथ्वीराज जी, मुनि हिमांशु कुमार जी सहित अनेक संतों के संदेशों का वाचन किया गया। अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम का संचालन ज्ञानशाला प्रभारी डूंगरचंद सालेचा ने किया। वहीं ससुराल पक्ष एवं विभिन्न परिवारों की ओर से भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत सेठ जवेरीलाल गांधी मेहता के सामाजिक, धार्मिक एवं मानवीय योगदान को सदैव स्मरणीय बताया।




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