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बस्ती में पांच दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, 25 युवक-युवतियां ले रहे प्रशिक्षण

वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन अपनाकर ग्रामीण युवा बन सकते हैं आत्मनिर्भर, अतिरिक्त आय के भी खुलेंगे अवसर

बस्ती से वेदान्त सिंह

बस्ती, 03 नवंबर 2026। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती में सरल परियोजना के अंतर्गत पांच दिवसीय रोजगारपरक बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.प.) के कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), कानपुर द्वारा वित्त पोषित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 03 से 07 नवंबर 2026 तक किया जा रहा है। इसमें जनपद के 25 युवक-युवतियां प्रतिभाग कर रहे हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी अधिकारी डॉ. पी.के. मिश्र ने वैज्ञानिक बकरी पालन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और अतिरिक्त आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कम पूंजी, सीमित स्थान और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से इस व्यवसाय को सफलतापूर्वक शुरू किया जा सकता है। उन्होंने किसानों एवं ग्रामीण युवाओं से वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर बकरी पालन को व्यावसायिक स्वरूप देने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में पशुधन प्रसार अधिकारी अबरार अहमद अंसारी, हर्रैया ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं, बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं एवं अनुदान संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बकरियों को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए समय से टीकाकरण कराने तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व को समझाया।

वैज्ञानिक डॉ. वी.बी. सिंह ने बकरियों की उन्नत नस्लों के चयन, आवास व्यवस्था, संतुलित आहार, प्रजनन एवं स्वास्थ्य प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उचित नस्ल का चयन, वैज्ञानिक आवास और संतुलित पोषण बकरी पालन की सफलता के प्रमुख आधार हैं।

केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रेम शंकर ने पशुशाला की साफ-सफाई, रोगों की रोकथाम और पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक प्रबंधन उपायों पर जानकारी दी। वहीं प्रसार वैज्ञानिक आर.बी. सिंह ने नस्ल सुधार, उन्नत प्रजनन तकनीकों और नवीन वैज्ञानिक जानकारियों के प्रसार की उपयोगिता बताई।

सस्य विज्ञान वैज्ञानिक हरिओम मिश्र ने बकरी पालन के साथ चारा उत्पादन एवं एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने हरे चारे की विभिन्न फसलों के उत्पादन, वर्षभर पौष्टिक चारे की उपलब्धता और फसल अवशेषों के समुचित उपयोग की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध चारा संसाधनों का बेहतर उपयोग करके पशुओं के पोषण पर होने वाले खर्च को कम किया जा सकता है।

केंद्र की गृह विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. अंजलि वर्मा ने बकरी पालन के माध्यम से महिला उद्यमिता, स्वरोजगार और परिवार की आमदनी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को उपलब्ध संसाधनों के आधार पर छोटे स्तर से व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं ग्रामीण युवाओं को बकरी पालन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बकरियों की उन्नत नस्लों के चयन, आवास, आहार, प्रजनन, स्वास्थ्य एवं रोग प्रबंधन तथा चारा उत्पादन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।

कृषि विज्ञान केंद्र की इस पहल से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को बकरी पालन के क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण आजीविका मजबूत होने और आय के नए स्रोत विकसित होने की उम्मीद है।

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Vedant Singh

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