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EWS पात्रता नियमों में सुधार और राष्ट्रीय स्तर पर EWS एवं सवर्ण आयोग के गठन की मांग, दिल्ली में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने उठाई आवाज

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संत समाज और क्षत्रिय समाज ने राष्ट्रहित, धर्महित एवं सामाजिक समरसता के लिए एकजुट होने का किया आह्वान

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग

 अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग) के पात्रता नियमों में व्यापक सुधार, राष्ट्रीय स्तर पर EWS एवं सवर्ण आयोग के गठन तथा राष्ट्रहित एवं धर्महित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संत समाज और क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के समक्ष विभिन्न मांगें रखते हुए सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया।

कार्यक्रम दिल्ली एनसीआर संत महामंडल के अध्यक्ष एवं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता पूज्य महंत श्री नारायण गिरि जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित हुआ। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भेरू सिंह चौहान, युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल सहित दिल्ली-एनसीआर के संत-महंत एवं क्षत्रिय समाज के पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश युवा टीम अध्यक्ष सोमवीर सिंह तंवर, उज्जैन जिला अध्यक्ष जीवन सिंह तंवर, उज्जैन संभाग युवा टीम अध्यक्ष विजय सिंह पंवार एवं उज्जैन जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान भी उपस्थित रहे।

EWS पात्रता नियमों में सुधार की उठाई मांग

महासभा के युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2019 में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 10 प्रतिशत EWS आरक्षण देने का निर्णय महत्वपूर्ण रहा है। हालांकि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए EWS पात्रता नियमों में संशोधन की आवश्यकता है।

उन्होंने विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर जैसे मरुस्थलीय क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां अधिकांश कृषि भूमि वर्षा पर निर्भर है। ऐसे में पांच एकड़ कृषि भूमि होने के बावजूद कई परिवारों की वास्तविक कृषि आय बेहद कम रहती है। केवल भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर ऐसे परिवारों को EWS लाभ से वंचित करना उचित नहीं है।

उन्होंने केंद्र सरकार से पांच एकड़ कृषि भूमि की सीमा की समीक्षा, सिंचित एवं असिंचित भूमि के बीच अंतर, आठ लाख रुपये की वार्षिक पारिवारिक आय सीमा में महंगाई के अनुसार संशोधन तथा आवासीय संपत्ति संबंधी प्रतिबंधों को सरल बनाने की मांग की।

इसके अलावा EWS प्रमाण-पत्र प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों की समस्याओं का समाधान करने तथा शिक्षा एवं सरकारी भर्तियों में आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की मांग भी उठाई।

कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने राष्ट्रीय स्तर पर EWS आयोग एवं सवर्ण आयोग के गठन के साथ राजस्थान में सामान्य वर्ग के लिए गठित आयोग के अध्यक्ष पद पर शीघ्र नियुक्ति किए जाने की मांग की।

क्षत्रिय समाज की परंपरा राष्ट्ररक्षा और सामाजिक समरसता की प्रेरणा : भेरू सिंह चौहान

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भेरू सिंह चौहान ने कहा कि क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए त्याग, शौर्य एवं बलिदान से भरा हुआ है। भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स, राजपूत रेजिमेंट सहित विभिन्न सैन्य इकाइयों में क्षत्रिय समाज के वीर जवानों ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज हमेशा छत्तीस कौम को साथ लेकर चलने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त EWS आयोग एवं सवर्ण आयोग का गठन समय की आवश्यकता है।

सनातन धर्म का अपमान करने वाले राजनेता अपनी जिम्मेदारी समझें : महंत नारायण गिरि

पूज्य महंत श्री नारायण गिरि जी महाराज ने सनातन धर्म और धार्मिक आस्थाओं के प्रति कुछ राजनेताओं की ओर से की जाने वाली कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति भारत की आध्यात्मिक चेतना और करोड़ों लोगों की आस्था का आधार है। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं को जानबूझकर आहत कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। धार्मिक वैमनस्य फैलाने और समाज को विभाजित करने वाली गतिविधियों का संत समाज लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से विरोध करेगा।

राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सतर्क रहने का आह्वान

महंत नारायण गिरि जी महाराज ने बांग्लादेश एवं नेपाल के घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि पड़ोसी देशों में राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव को देखते हुए भारत को सतर्क रहने की आवश्यकता है। देश की शांति, संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास का कानून के अनुसार प्रभावी प्रतिकार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रहित के मुद्दों पर संत समाज सदैव जागरूक और प्रतिबद्ध रहेगा।

नागा साधुओं और निहंग योद्धाओं की शौर्य परंपरा का किया उल्लेख

महंत नारायण गिरि जी महाराज ने भारतीय इतिहास में नागा संन्यासियों एवं निहंग योद्धाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परंपराओं ने धर्मरक्षा, सेवा और साहस की मिसाल पेश की है। नागा साधुओं के ऐतिहासिक सैन्य दलों ने धर्म एवं समाज की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहीं निहंग योद्धाओं ने भी अपनी वीरता और सेवा भावना से गौरवशाली इतिहास बनाया।

उन्होंने कहा कि संत समाज धर्म, संस्कृति, सामाजिक सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए समर्पित है। राष्ट्र पर किसी भी प्रकार का संकट आने पर संत समाज संवैधानिक व्यवस्था और सक्षम प्राधिकारियों के मार्गदर्शन में सहयोग के लिए तत्पर रहेगा।

युवा पीढ़ी को पूर्वजों के शौर्य और बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश

महंत नारायण गिरि जी महाराज ने क्षत्रिय समाज के युवाओं से अपने गौरवशाली इतिहास और पूर्वजों के बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। साथ ही छत्तीस कौम को साथ लेकर सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना चाहिए।

उन्होंने देशभर के संतों, महंतों, अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से राष्ट्रहित, धर्महित एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से जनजागरण करने की अपील की।

एकता, स्वाभिमान और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस का समापन

प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन पर पूज्य महंत श्री नारायण गिरि जी महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भेरू सिंह चौहान एवं युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल सहित उपस्थित संत समाज और क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों ने EWS पात्रता नियमों में सुधार, राष्ट्रीय स्तर पर आयोगों के गठन, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए संगठित एवं संवैधानिक प्रयास जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

इस दौरान सभी ने एक स्वर में संदेश दिया कि एकता हमारी शक्ति, स्वाभिमान हमारी पहचान और राष्ट्रहित हमारा सर्वोच्च संकल्प है।

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

Santosh Kumar Garg

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