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राष्ट्रीय फार्मासिस्ट सुरक्षा संगठन ने जिलाधिकारी प्रयागराज को सौंपा 7 सूत्रीय मांग-पत्र

 

प्रयागराज, 05 अक्टूबर 2026।

फार्मासिस्टों के अधिकारों, दवा आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता, जन औषधि केंद्रों के नियमानुसार संचालन, रोजगार एवं फार्मेसी-कम्प्लायंस से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर राष्ट्रीय फार्मासिस्ट सुरक्षा संगठन (RPSS) के पदाधिकारियों ने आज जिलाधिकारी प्रयागराज श्री मनीष कुमार वर्मा से मुलाकात कर 7 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा।

संगठन के संरक्षक वासुदेव शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी विभाग, अधिकारी, सरकारी योजना अथवा व्यक्ति का विरोध करना नहीं है, बल्कि दवा व्यवस्था में पारदर्शिता, मरीजों की सुरक्षा, नियमों का समान अनुपालन तथा फार्मासिस्टों के रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

RPSS की 7 प्रमुख मांगें

1. कफ सिरप की बिक्री संबंधी प्रिस्क्रिप्शन आदेश की समीक्षा

कफ सिरप की बिक्री को प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर किए जाने संबंधी आदेश की व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए तत्काल समीक्षा की जाए तथा आवश्यक संशोधन/वापसी पर संबंधित हितधारकों से परामर्श किया जाए।

2. थोक दवा प्रतिष्ठानों में CCTV एवं बिलिंग निगरानी

थोक दवा लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों के अनुसार CCTV एवं बिलिंग रिकॉर्ड की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि बिना बिल अथवा अनधिकृत दवा आपूर्ति पर नियंत्रण हो और दवा आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़े। साथ ही वैध दवा व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक एवं प्रशासनिक भार न पड़े।

3. प्रयागराज के सभी जन औषधि केंद्रों का विशेष निरीक्षण

जनपद के सभी जन औषधि केंद्रों का एक माह के भीतर विशेष निरीक्षण कराया जाए। इसमें फार्मासिस्ट की उपलब्धता, दवा स्टॉक, खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, बिलिंग, एक्सपायरी दवाओं के प्रबंधन तथा योजना के नियमों के अनुपालन की जांच की जाए। यदि कहीं बाहरी/अन्य ब्रांडेड दवाओं की नियम-विरुद्ध बिक्री प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

4. रेलवे फार्मासिस्ट भर्ती में D.Pharm की पात्रता पुनः बहाल की जाए

रेलवे फार्मासिस्ट भर्ती में Diploma in Pharmacy (D.Pharm) की पात्रता को पुनः शामिल किए जाने हेतु संबंधित रेलवे भर्ती बोर्ड/रेल मंत्रालय को आवश्यक अनुशंसा एवं ज्ञापन भेजा जाए तथा पात्रता में हुए परिवर्तन के नियमगत एवं वैधानिक आधार की समीक्षा की जाए।

5. फार्मासिस्ट एवं मेडिकल रिटेलर्स को “मेडिकल माफिया” कहे जाने पर आपत्ति

संगठन ने कहा कि किसी विशिष्ट व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर प्रमाणों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन पूरे फार्मासिस्ट एवं वैध मेडिकल-रिटेल समुदाय को “मेडिकल माफिया” जैसे सामूहिक शब्दों से संबोधित करना उचित नहीं है। ऐसे मामलों की समीक्षा कर आवश्यक होने पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण/खेद व्यक्त किया जाए।

6. उत्तर प्रदेश में होल्ड किए गए होलसेल ड्रग लाइसेंसों की समीक्षा

जिन होलसेल ड्रग लाइसेंसों को होल्ड/स्थगित किया गया है, उनके मामलों की शीघ्र एवं समयबद्ध जांच की जाए। गंभीर अनियमितता प्रमाणित नहीं होने पर लाइसेंस नियमानुसार बहाल/सक्रिय किए जाएं तथा प्रत्येक मामले में कारणयुक्त आदेश एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि योग्य फार्मासिस्टों को वैध स्वरोजगार एवं दवा व्यवसाय का अवसर मिल सके।

7. RPSS के फार्मेसी ट्रेनिंग कार्यक्रम में ड्रग इंस्पेक्टर की सहभागिता

राष्ट्रीय फार्मासिस्ट सुरक्षा संगठन द्वारा फार्मासिस्टों के लिए आयोजित किए जा रहे फार्मेसी ट्रेनिंग एवं फार्मेसी-कम्प्लायंस जागरूकता कार्यक्रम में संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर को विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया जाए। प्रशिक्षण में दवा भंडारण, रिकॉर्ड-रखरखाव, बिलिंग, एक्सपायरी दवाओं का प्रबंधन, लाइसेंस संबंधी आवश्यकताओं एवं अन्य फार्मेसी अनुपालनों की व्यावहारिक जानकारी दी जाए, ताकि फार्मासिस्ट समय रहते अपनी कमियों को सुधार सकें।

RPSS ने कहा—कार्रवाई भी हो और सुधार का अवसर भी

संगठन ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार की अवैध दवा बिक्री, बिना बिल कारोबार अथवा नियम-विरुद्ध गतिविधि का समर्थन नहीं करता। यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, जहां कानून अनुमति देता है, वहां जांच के साथ सुधार एवं अनुपालन का उचित अवसर भी दिया जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मांग की कि सातों बिंदुओं पर संबंधित विभागों से आवश्यक रिपोर्ट प्राप्त कर उचित कार्रवाई की जाए तथा जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र से बाहर के विषयों को संबंधित राज्य अथवा केंद्रीय प्राधिकरण को आवश्यक अनुशंसा के साथ भेजा जाए।

वासुदेव शुक्ला ने कहा कि RPSS का उद्देश्य “संगठित फार्मासिस्ट — सुरक्षित फार्मेसी — स्वस्थ भारत” के संकल्प के साथ फार्मासिस्टों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष तथ्यात्मक एवं लोकतांत्रिक तरीके से रखना है।

Viyasmani Tripaathi

Cheif editor Mobile no 9795441508/7905219162

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