राजस्थान केमिस्ट एलायंस ने केमिस्टों के हितों की रक्षा और व्यापारिक समस्याओं के समाधान के लिए एक निर्णायक पहल की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता और प्रदेश सचिव श्री धनपत सेठिया के नेतृत्व में लगभग 60 पदाधिकारी विभिन्न जिलों से स्वास्थ्य भवन, जयपुर में पहुंचे और ड्रग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सार्थक वार्ता की।
इस बैठक में आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, अतिरिक्त आयुक्त श्री भगवत सिंह, ड्रग कंट्रोलर श्री अजय फाटक और अतिरिक्त औषधि नियंत्रक श्री मनोज धीर उपस्थित रहे। प्रमुख मुद्दा था ड्रग लाइसेंस हेतु केवल कॉमर्शियल प्रिमाइज़ की अनिवार्यता।
वार्ता के परिणामस्वरूप सरकार ने यह स्पष्ट किया कि अब नए मेडिकल स्टोर लाइसेंस और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया पूर्ववत रूप से जारी रहेगी, और कॉमर्शियल प्रिमाइज़ की अनिवार्यता हटा दी गई।
बैठक में केमिस्टों के हितों की सुरक्षा, ड्रग लाइसेंसिंग प्रक्रिया की व्यावहारिक कठिनाइयों और जनहित के दृष्टिकोण को मजबूती से रखा गया। इसके अलावा अधिकारियों ने केमिस्टों को NDLS (National Drugs Licensing System) की विस्तृत जानकारी दी, जिसे भविष्य में “वन नेशन – वन पोर्टल” के रूप में लागू किया जाएगा।
अधिकारियों द्वारा निम्न निर्देश भी दिए गए:
नारकोटिक्स और नशे की श्रेणी की दवाओं का लेन–देन पूरी तरह से नियमों के अनुसार किया जाए।
एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग केवल वैध और आवश्यक प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर किया जाए।
राजस्थान केमिस्ट एलायंस ने राज्य सरकार, स्वास्थ्य मंत्री और ड्रग विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया है। संगठन ने भरोसा जताया कि भविष्य में भी सरकार और केमिस्ट संगठनों के बीच संवाद, सहयोग और परामर्श की परंपरा बनी रहेगी।
संगठन का संकल्प:
🛡️ सबका साथ, सबका विकास
🤝 अपना व्यापार — अपनों के साथ
राजस्थान केमिस्ट एलायंस ने स्पष्ट किया कि केमिस्ट समाज के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और न्याय मिलने तक संगठन की आवाज़ मजबूती और एकजुटता के साथ जारी रहेगी।
— राजस्थान केमिस्ट एलायंस, किशन कुमार जोशी, सचिव, बीकानेर डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन