सिडकुल की शानू एंटरप्राइजेज कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की संदिग्ध अवस्था में मौत, कम्पनी वाले शव को अस्पताल में छोड़कर हुए गायब, समाजसेवी सुशील गाबा एवं परिजनों में खासा रोष
A security guard at SIDCUL's Shanu Enterprises company dies under suspicious circumstances. The company officials left the body at the hospital and disappeared, sparking widespread anger among social worker Sushil Gaba and family members.


ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल
रुद्रपुर…रुद्रपुर के सिडकुल में संचालित उद्योगों ने मानवता को ताक पर ही रख दिया है। विगत रात्रि कंपनी में कार्यरत सिक्योरिटी गार्ड पिंटू राठौर पुत्र ज्ञानचंद की संदिग्धावस्था में मौत हो गई जिस पर वहां मौजूद कंपनी के स्टाफ द्वारा उन्हें जिला अस्पताल में छोड़कर स्वयं गायब हो गए. समाजसेवी सुशील गाबा

ने पोस्टमार्टम हाउस में पंचनामे एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई को संपादित कराया तथा कंपनी की इस घोर अमानवीय व्यवहार की कड़ी आलोचना भी की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रांजिट कैंप के वार्ड नंबर 2 की कृष्णा कॉलोनी में रहने वाले पिंटू राठौर विगत कई वर्षों से शानू एंटरप्राइजेज में बतौर सिक्योरिटी गार्ड कार्य कर रहे थे। विगत रात्रि जब वह घर नहीं पहुंचे तो उनके परिजनों द्वारा कंपनी में बात की गई।

कंपनी वालों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तब उनके साथी सिक्योरिटी गार्ड दोबारा कंपनी में पहुंचे जहां पर एक तख्त पर वह बेहोश पड़े थे। साथ ही सिक्योरिटी गार्ड्स वह कंपनी के एक अधिकारी द्वारा उनको जिला अस्पताल में ले जाया गया जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह सुनते ही कंपनी के अधिकारी मौके से गायब हो गए।
न तो उन्होंने पोस्टमार्टम और पंचनामे की ही कार्रवाई कराई और न ही किसी भी प्रकार से उन्हें अन्य प्रकार से शांत ही दी गई। आज प्रातः समाज से भी सुशील गाबा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे जहां पर उन्होंने पंचनामे की कार्रवाई आदि को संपादित कराने के साथ साथ पोस्टमार्टम कराया और शव को परिजनों के सुपुर्द करा दिया।
समाज सेवी सुशील गाबा ने शानू इंटरप्राइजेज कंपनी के तथा सिक्योरिटी गार्ड फर्म के इस अमानवीयता भरे गैर जिम्मेदार व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यदि हमारे सामने कोई अनजान शख्स भी दम तोड़ देता है तो हर बंदा उसे अस्पताल ले आने व उसके परिजनों की सहायता का कार्य करता है लेकिन यहां तो कंपनी ने बिलकुल ही हाथ खड़े कर लिए और उनका सारा का सारा फाइल यहां तक कि उनके गले में जो उनका परिचय पत्र था वह भी उतारकर अपने साथ ले गए। इसकी जितनी कड़ी निंदा की जाए उतना कम है।यदि कंपनी ने मृतक के परिजनों को सहायता राशि नहीं दी तो इसमें कंपनी के खिलाफ भी आंदोलन किया जाएगा क्योंकि मृतक पिंटू राठौर की धर्मपत्नी दिव्यांग है और उसके केवल 4 साल की एक लड़की और 3 साल का एक लड़का है। उनके पिता जी का भी वर्षों पूर्व देहांत हो चुका है. परिवार का भरण पोषण करने वाला अब कोई नहीं है। इसलिए कंपनी द्वारा सहायता राशि दिया जाना मानवता भरा कार्य भी है.
श्री गाबा ने कहा कि यदि कंपनी द्वारा सिक्योरिटी गार्ड को उचित नहीं दिया गया तो कंपनी के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा
इस दौरान वार्ड नंबर दो के पार्षद एमपी मौर्या, समाजसेवी हैप्पी रंधावा, करण कुमार, कैलाश सागर, सोनू, सतीश राठौर, महेश यादव, चाणक्य, सुशांत, गौतम, सपन मिस्त्री, सुरजीत कुमार, कृपाशंकर श्यामलाल, राजपाल, कैलाश चंद्र, धर्मेन्द्र नितिन आदि उपस्थित थे।
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