LIVE TVदेशधर्मशिक्षा

आधुनिक भारत के निर्माण हेतु स्वामी दयानंद सरस्वती की शिक्षायें युग युगांतर तक प्रसांगिक रहेंगी: 

 

ब्यूरो चीफ सतीश कुमार की रिपोर्ट 

आधुनिक भारत के निर्माता,राष्ट्रीय चिंतक,महान समाज सुधारक, आजादी के आंदोलन के प्रवर्तक स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती श्री संतोष मेमोरियल दिव्यांगजन एवं पुनर्वास केंद्र नारनौल के प्रांगण में हवन यज्ञ के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर मनाई गई। हवन यज्ञ रमेश शास्त्री,विनोद आर्य,सत्यवीर,जगराम आर्य के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के निदेशक रिटायर्ड प्रोफेसर आरएन यादव एवं जगराम आर्य मुख्य अतिथि, शिक्षाविद जयप्रकाश कौशिक,मुख्य वक्ता डॉ.आर.के.जांगड़ा विश्वकर्मा,विशेष आमंत्रित आचार्य लोक मित्र, कोशिक जी द्वारा स्वामी दयानंद के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।इस अवसर पर प्रोफेसर आरएन यादव ने कहा स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्श युवा पीढ़ी को हमेशा देश निर्माण हेतु प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने कहा नारी शिक्षा और सामाजिक कुरीतियों दहेज प्रथा बाल विवाह सती प्रथा के खिलाफ जीवन भर आंदोलनरत रहें।स्वामी दयानंद द्वारा वैदिक संस्कृति का संदेश देश और दुनिया को दिया और उनके 10 नियमों को जीवन में अवश्य धारण करना चाहिए।

 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैप्टन जगराम आर्य ने कहा स्वामी दयानंद सरस्वती जीवन भर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ते रहे और मूल्य आधारित समाज के निर्माण के लिए उनकी शिक्षाएं युग युगांतर तक प्रासंगिक रहेंगी।उन्होंने भारतीय संस्कृति के विचारों का प्रकाश विश्व में प्रसारित कर आदर्श जीवन का सदमार्ग प्रशस्त किया। देश की आजादी के महान सूत्रधार स्वामी दयानंद की प्रेरणा से ही देश कों आजादी मिली।उन्होंने स्वामी जी के व्यक्तित्व पर गीत प्रस्तुत कर युवा पीढ़ी से वैदिक संस्कृति के मार्ग पर चलने की अपील की। मुख्य वक्ता डॉ.आर.के.जांगड़ा विश्वकर्मा,सदस्य,स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा सरकार नें कहा राष्ट्रधर्म सर्वोपरि है,धरती हमारी मां है और एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाने हेतु सामाजिक एकता का संदेश स्वामी जी ने देश को दिया। उन्होंने देश को आर्थिक गुलामी,शिक्षा,चिकित्सा,सांस्कृतिक वैचारिक,धार्मिकता के संदेश के साथ भारत को परम वैभवशाली बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।उन्होंने भारत मां को गुलामी की जंजीरों से निकालने हेतु 1857 की क्रांति और अंग्रेजी हुकूमत से जमकर लोहा लेते हुए आजादी के आंदोलन के मुख्य सूत्रधार के रूप में उनका बलिदान हमेशा देश के इतिहास में अजर अमर रहेगा। देश की आजादी के लिए संतो को जोड़ा और देश की कई महान सपूत स्वामी जी के विचारों से प्रेरित थे।डॉ. विश्वकर्मा ने कहा 21वीं सदी में आज जब विश्व अनेक विवादों में फंसा है,हिंसा और अस्थिरता में घिरा हुआ है,तब दयानंद सरस्वती का दिखाया हुआ मार्ग करोड़ों लोगों में आशा का संचार करने का कार्य करता हैं।स्वामी दयानंद के आदर्शों पर चलते हुये देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “सबका साथ सबका विकास” के साथ देश को समृद्ध और आर्थिक मजबूतता प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं।पीएम मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। देश की आजादी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस,वीर सावरकर,लाला लाजपत राय, शहीद भगत सिंह आदि अनेक क्रांतिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शिक्षाविद जयप्रकाश कौशिक ने स्वामी जी का महान व्यक्तित्व युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का कार्य करता रहेगा।विनोद आर्य और सत्यवीर ने देशभक्ति के गीत प्रस्तुत कर भाव विभोर कर दिया। शिक्षिका किरण शर्मा ने कहा नारी शक्ति को शिक्षित करने और समानता का अधिकार के लिए स्वामी जी आजीवन आंदोलनरत रहें।स्वामी जी के संदेश महिला शक्ति को हमेशा देशभक्ति हेतु प्रेरित करते रहेगें। कार्यक्रम में अध्यापक वर्ग एवं विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति की कविताएं और स्वामी दयानंद की जीवनी पर विस्तृत प्रकाश डाला।इस अवसर पर प्रतिभावान विद्यार्थियों निकिता,वंशिका,चिराग,नीतीश,अंकित कर्मवीर एवं शिक्षिका प्रियंका,गोदावरी, मनीष को सत्यार्थ प्रकाश और स्वामी जी की जीवनी और चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। पर्यावरण व जल संरक्षण के संकल्प के साथ स्वामी दयानंद की जयंती पर नसीबपुर शहीद स्मारक पर पौधारोपण और स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर अनेक विद्यार्थी और शिक्षक वर्ग उपस्थित रहा।

फोटो: स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर प्रतिभावान विद्यार्थियों और शिक्षिका वर्ग को सम्मानित करते हुए

Viyasmani Tripaathi

Cheif editor Mobile no 9795441508/7905219162

Related Articles

Back to top button