देव उठनी ग्यारस के शुभ मुहूर्त पर बीकानेर में एक ऐसी शाही शादी देखने को मिली, जिसने लोगों को राजसी दौर की याद दिला दी। बम्बलू हाउस, अलख सागर रोड बीकानेर निवासी ठाकुर नरपत सिंह भाटी की सुपुत्री मनीषा कंवर का विवाह झुंझुनू जिले के ग्राम टाई निवासी ठाकुर मनोहर सिंह शेखावत के सुपुत्र एवं पेशे से इंजीनियर कुलदीप सिंह शेखावत के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ।
इस अवसर को खास बनाने के लिए दूल्हे कुलदीप सिंह ने अपनी दुल्हन को लेने हाथी पर सवार होकर होटल सागर, लालगढ़ पैलेस कैंपस पहुंचकर सबका ध्यान आकर्षित किया। दूल्हे की यह शाही एंट्री न केवल देखने लायक थी बल्कि इस विवाह को पूरे शहर में चर्चा का विषय बना दिया।
🏰 शाही अंदाज में पहुंचा दूल्हा
परंपरागत परिधान में सजे-संवरे दूल्हे कुलदीप सिंह ने जैसे ही हाथी पर बैठकर बारात के साथ होटल सागर की ओर प्रस्थान किया, पूरे मार्ग पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सड़कों पर बारात देखने वालों की भारी भीड़ के कारण यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली।
👑 भाटी वंश की गौरवशाली परंपरा
ठाकुर नरपत सिंह भाटी का परिवार बीकानेर का प्रतिष्ठित राजघराना है। बताया जाता है कि उनके पूर्वज जैसलमेर महाराजा के सेनापति रहे हैं। ठाकुर हुकम सिंह भाटी को उनकी वीरता के लिए बीकानेर महाराजा ने 12 गांव भेंट स्वरूप दिए थे। इसी गौरवशाली परंपरा की झलक इस विवाह में भी देखने को मिली, जब उनकी पौत्री मनीषा कंवर की शादी राजसी अंदाज में संपन्न हुई।
🌿 देव उठनी ग्यारस का शुभ अवसर
सनातन परंपरा में देव उठनी ग्यारस को अबूझ मुहूर्त माना गया है। इस दिन विवाह सहित सभी मांगलिक कार्य शुभ माने जाते हैं। इसी दिन देशभर में हजारों विवाह संपन्न हुए, लेकिन बीकानेर की यह ‘हाथी वाली बारात’ अपने शाही अंदाज के कारण सबसे अलग रही।
🚦 यातायात व्यवस्था रही चुनौतीपूर्ण
हाथी पर सवार बारात निकलने से लालगढ़ पैलेस रोड और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो गई, जिससे प्रशासन को व्यवस्था संभालने में मेहनत करनी पड़ी। हालांकि, यह नजारा इतना आकर्षक था कि लोग अपने मोबाइल कैमरों से इस पल को कैद करने से खुद को रोक नहीं पाए।
इस शाही विवाह ने न सिर्फ बीकानेर की पारंपरिक विरासत को जीवंत किया, बल्कि यह साबित कर दिया कि आधुनिक युग में भी राजसी अंदाज की शादियां लोगों के दिलों में खास जगह रखती हैं।