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विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियां तेज, विभागों को दिए समन्वय से काम करने के निर्देश

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती, 28 सितंबर 2026। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान जनपद में 1 से 31 अक्टूबर तथा दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सियाराम यादव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को अभियान से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि अभियान में नामित सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्यवाही पूरी करें। उन्होंने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अभियान का नोडल विभाग होगा, जो जनपद, तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर अभियान का संचालन करेगा।
अभियान के दौरान बुखार, इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई), क्षय रोग (टीबी) तथा कुपोषित बच्चों की सूची के आधार पर मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही अभियान की मॉनिटरिंग, पर्यवेक्षण, रिपोर्टिंग, अभिलेखीकरण और विश्लेषण का कार्य भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा।
साफ-सफाई और फॉगिंग पर विशेष जोर
डॉ. सियाराम यादव ने नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। नालियों की नियमित सफाई, फॉगिंग, झाड़ियों की कटाई तथा कूड़े का समय से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पेयजल की नियमित जांच कराने के साथ आवश्यकतानुसार क्लोरीनेशन भी कराया जाए।
उन्होंने पंचायती राज विभाग को ग्राम स्तर पर साफ-सफाई, हाथ धोने, शौचालयों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान अभियान में नामित नोडल आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं आशा कार्यकर्ताओं को सहयोग प्रदान करेंगे।
वीएचएसएनसी के माध्यम से संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार से बचाव के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। उथले हैंडपंपों को लाल रंग से चिन्हित करने, खराब इंडिया मार्क-टू हैंडपंपों की मरम्मत, जलाशयों एवं नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई तथा मैलाथियान से फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए। गांवों में कूड़ेदान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
पशुपालकों को भी किया जाएगा जागरूक
पशुपालन विभाग को सूकर पालकों को अन्य व्यवसाय, जैसे पोल्ट्री उद्योग अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। सूकरबाड़ों में वेक्टर नियंत्रण एवं सीरो सर्विलेंस की व्यवस्था, नियमित सफाई और कीटनाशक का छिड़काव कराया जाएगा। सूकरबाड़े आबादी से दूर स्थापित करने तथा सभी प्रकार के पशुबाड़ों में स्वच्छता, कचरा निस्तारण एवं मच्छररोधी जाली के प्रयोग के लिए पशुपालकों को जागरूक किया जाएगा।
एईएस/जेई से दिव्यांग बच्चों का होगा सर्वे
अभियान के तहत एईएस/जेई रोग से दिव्यांग हुए बच्चों का सर्वे कराया जाएगा। डीडीआरसी सेंटर के माध्यम से उनका उपचार कराया जाएगा तथा संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि एवं सिंचाई विभाग को जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन को रोकने तथा सिंचाई के वैकल्पिक उपायों के संबंध में तकनीकी सलाह देने के निर्देश दिए गए। वहीं उद्यान विभाग द्वारा मच्छररोधी पौधे लगाए जाएंगे तथा नहरों एवं तालाबों के किनारे उगी अवांछित वनस्पतियों की सफाई कराई जाएगी।
बैठक का संचालन मलेरिया अधिकारी आर्येन्द्र कुमार दूबे ने किया। इस अवसर पर एएमओ चंद्र मोहन मेहरोत्रा, बीएसए अनूप तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार, समस्त एमओआईसी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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