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भिवाड़ी में अखिल विश्व गायत्री परिवार की राष्ट्रीय जन जागरण ज्योति कलश यात्रा का हुआ शुभारंभ

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
भिवाड़ी, 14 अक्टूबर 2025।
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा संचालित राष्ट्रीय जन जागरण ज्योति कलश यात्रा का आज सुबह बाबा मोहन राम की पावन परिक्रमा से शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र के अखंड जाप के साथ मंजीरा, डफली और हारमोनियम बजाते हुए यात्रा पूरी की।
यात्रा के दौरान गोधन गांव में ग्रामीणों ने श्रद्धा भाव से कलश यात्रा का स्वागत किया और पूजा-अर्चना की। बाबा मोहनराम मंदिर में 700 साल पुरानी अखंड ज्योति को मोहनराम अखंड ज्योति से जोड़ा गया।
काली खोली क्षेत्र में सभी दुकानदारों ने हरिद्वार से आई इस यात्रा के दर्शन किए। यात्रा के समापन पर काली खोली धाम में सामूहिक पूजा और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ।
इसके पश्चात शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से काली खोली शक्ति पीठ पर जनकल्याण कार्यों के शुभारंभ के क्रम में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें गायत्री प्रवक्ता डी.सी. यादव ने बताया कि जल्द ही भिवाड़ी में नेचुरोपैथी, यज्ञोपैथी, ध्यान योग एवं 16 संस्कारों को समाज के हित में प्रारंभ किया जाएगा।
मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए गायत्री मंदिर के सामने सुलभ शौचालय का उद्घाटन किया गया, जिसमें महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग पाँच-पाँच शौचालय बनाए गए।
नगर भ्रमण के दौरान गोपीनाथ हॉस्पिटल में यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर डॉ. नीरज अग्रवाल ने कहा कि “ऐसी यात्राएं समाज निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। नई पीढ़ी में संस्कार जागृत करने का गायत्री परिवार का प्रयास सराहनीय है और इसका भिवाड़ी को अत्यधिक लाभ मिलेगा।”
यात्रा के दौरान गौरव पथ पर गायत्री यज्ञ व जागरण हुआ तथा आशियाना तरंग में दीपक प्रज्वलन किया गया।
प्रवचन के दौरान शांतिकुंज प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि “मानव जीवन अमूल्य है और सकारात्मक ऊर्जा से ही यह सार्थक बनता है।” उन्होंने जीवन की अस्थायी प्रकृति को समझाते हुए कहा कि जैसे वस्तुओं की एक्सपायरी डेट होती है, वैसे ही शरीर की भी होती है। अतः आधा जीवन समाज और शरीर के विकास के लिए तथा शेष जीवन ईश्वर भक्ति और समाज सेवा को समर्पित करना चाहिए।
उन्होंने चार आश्रम प्रणाली — ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास — पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि वानप्रस्थ और संन्यास आश्रम में समाज सेवा और ईश्वर समर्पण ही सच्चा धर्म है।
इस अवसर पर डॉ. नीरज अग्रवाल, राधेश्याम त्यागी, आशीष गुप्ता, राधेश्याम शर्मा, बी.डी. शर्मा, वेद अनिल कुमार, प्रदीप पंचोली, अनिल शर्मा, तुलसीराम, हरिराम गुप्ता, अमित शर्मा, संरक्षक श्री जी.आर. गुप्ता, जिला समन्वयक रामकृष्ण मीणा, विकास यादव, ध्रुव शर्मा, शशिकला गुप्ता, मदनलाल गुप्ता, अमित गुप्ता सहित कई श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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