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भिवाड़ी पुलिस का बड़ा साइबर ऑपरेशन: 183 मामलों में ₹122 करोड़ की ठगी का खुलासा, दिल्ली से गिरफ़्तार ‘खाता सौदागर

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
🚨भिवाड़ी से खबर।
भिवाड़ी पुलिस का बड़ा साइबर ऑपरेशन: 183 मामलों में ₹122 करोड़ की ठगी का खुलासा, दिल्ली से गिरफ़्तार ‘खाता सौदागर’!
जयपुर रेंज के आईजी और पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण के निर्देशन में भिवाड़ी की साइबर क्राइम थाना टीम ने एक ऐसी सनसनीखेज कार्रवाई की है जिसने पूरे देश के साइबर ठग नेटवर्क को हिला दिया है। पुलिस ने विभिन्न व्यक्तियों और फर्मों के बैंक खाते कमीशन पर साइबर ठगों को बेचने वाले आरोपी अंकित शर्मा (33), निवासी बागपत, उत्तर प्रदेश (वर्तमान में वेस्ट कान्ती नगर, दिल्ली) को गिरफ्तार किया है।
आरोपी के कब्जे से 38 बैंक खातों की चेक बुक, 4 पासबुक, 20 एटीएम कार्ड, 8 क्यूआर कोड, 1 स्वाइप मशीन, 9 मोबाइल फोन, 9 रबर मोहर, एक इंकपैड, तथा ₹2.50 लाख नगद बरामद किए गए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि इन खातों का उपयोग देशभर के विभिन्न राज्यों में 1930 एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज 183 साइबर ठगी शिकायतों में किया गया था, जिनसे अब तक ₹122 करोड़ 21 लाख 59 हजार 57 रुपये की ठगी को अंजाम दिया जा चुका है।
इससे पहले इसी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी राशिद और अजमत को भी गिरफ्तार किया गया था, जिनसे 11 चेकबुक, 4 एटीएम कार्ड, 4 क्यूआर कोड, 1 स्वाइप मशीन, 5 मोबाइल बरामद हुए थे। इनके खातों से जुड़े 96 मामलों में ₹61 करोड़ की ठगी दर्ज पाई गई थी।
पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण, अति. पुलिस अधीक्षक अतुल साहू और वृताधिकारी जयसिंह आरपीएस के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। इस पूरे अभियान में कांस्टेबल आशीष, संदीप, मुकेश, रजत शर्मा और मंजीत की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
भिवाड़ी साइबर पुलिस की इस सटीक और त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़ किया है, बल्कि यह भी उजागर किया है कि “म्यूल अकाउंट” बेचने वाले लोग अब खुद अपराधी माफिया के हिस्से बन चुके हैं।
यह ऑपरेशन राजस्थान पुलिस की साइबर सेल की सबसे बड़ी और तकनीकी रूप से सबसे सफल कार्यवाही मानी जा रही है।
भिवाड़ी पुलिस की यह कार्रवाई देशभर की साइबर ठग गैंगों के लिए चेतावनी है — डिजिटल अपराध की राह अब सुरक्षित नहीं!

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