केंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से टोल नाकों पर स्वचालित लिफ्ट युक्त एनिमल एंबुलेंस को अनिवार्य किए जाने की मांग उठी है।
भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय भारत सरकार के मानद प्रतिनिधि श्रेयांस बैद ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री गडकरी को पत्र लिखा है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि ग्रीन एक्सप्रेस-हाईवे, राष्ट्रीय राजमार्गों और मेगा हाइवे पर आवागमन के दौरान अक्सर पशुओं के कारण सड़क हादसे होते हैं। इन हादसों पर रोक लगाने और घायल पशुओं की त्वरित सहायता के लिए प्रत्येक टोल नाके पर स्वचालित लिफ्ट युक्त एनिमल एंबुलेंस उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
बैद ने यह भी सुझाव दिया कि टोल कर्मियों को इसके संचालन व पशु कल्याण की दिशा में विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही, बिना किसी क्रूरता किए सड़कों पर घूमने वाले आवारा गौवंश व अन्य पशुओं को सुरक्षित रूप से नजदीकी गौशालाओं, शेल्टर होम और कांजी हाउस में भेजा जाए।
इसके लिए पशुओं को टैगिंग प्रणाली के तहत दर्ज कराना और उनकी देखभाल सुनिश्चित करना जरूरी है। बैद ने यह भी आग्रह किया कि टोल नाके संचालकों को गौशालाओं को सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि मानव एवं पशु दोनों के जीवन की सुरक्षा की जा सके।
इस पहल से जहां एक ओर सड़क हादसों में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर पशुओं का संरक्षण भी संभव होगा।