अपराधबीकानेरब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान
गांव में मारपीट व जातिसूचक गाली-गलौज के बाद आत्महत्या का मामला, परिजनों ने पुलिस अधिकारियों पर भी लगाए गंभीर आरोप

बीकानेर से डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर से बड़ी खबर
बीकानेर।
लूणकरणसर थाना क्षेत्र के मकड़ासर गांव में मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़ित कन्हैयालाल पुत्र स्व. किशनाराम ने पुलिस अधीक्षक बीकानेर को लिखित प्रार्थना पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कन्हैयालाल ने बताया कि उसकी बहन जशोदा और भाई लिछिराम के साथ गांव के ही कुछ लोगों ने मारपीट की तथा बहन के साथ जातिसूचक गालियां और स्त्रीलज्जा भंग की। मामले में कई लोगों के नाम शामिल हैं जिनमें मोखम खां, अजीम खां, हसन खां, राजू खां, राशत खां, मंज़ुर खां, आसक खां सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि इन लोगों ने खुलेआम धमकी दी कि “इन नायकड़ों को जान से मार डालो।”
इस घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने 07 अगस्त 2025 को लूणकरणसर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसकी एफआईआर संख्या 195/2025 है। लेकिन कन्हैयालाल का कहना है कि जब भी वे थाने जाते थे तो थाने में तैनात पुलिसकर्मी गणेश बिश्नोई और रामस्वरूप शर्मा उन्हें बार-बार धमकाते थे कि इस मामले में राजीनामा करो, नहीं तो तुम्हें भी जेल जाना पड़ेगा।
पीड़ित के अनुसार गांव के कुछ लोगों ने भी राजीनामे का दबाव बनाया और धमकी दी कि अगर समझौता नहीं किया तो गांव में मत दिखना। इसी दबाव और परेशानियों के चलते उसके भाई लिछिराम ने 17 अगस्त 2025 को आत्महत्या कर ली।
कन्हैयालाल ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उसके भाई को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले लोगों तथा धमकाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
👉 यह मामला अब गांव और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

Subscribe to my channel


