ब्यूरो चीफ राम सुदीन सोनभद्र गणतंत्र दिवस 2025 ----------------------------- गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम गाथा भारत की गाते हैं। यह मेरा भारत खंडित है हम सबको याद दिलाते हैं।। प्राचीन सभ्यता भारत की आच्छादित विश्व पटल पर थी। वेद मंत्र की गूंज अविरल सप्त महा द्वीपों पर थी।। सभी राम पथ गामी थे राम सभी के प्रेरक थे। असुर सभ्यता के संहारक शरणागत के रक्षक थे।। युग बदला सब बदल गये राम विरोधी प्रबल भये। कामना के हो वशीभूत साम्राज्य अनेकों प्रकट भये।। सबके अपने पृथक इष्ट थे अलग थे उनके ग्रंथ विचार। सबने मिलकर धरती बांटी भिन्न संस्कृति और व्यवहार।। अनेक देश की सीमा बन गई और अपना भारत टूट गया। अब तक जो एक विशाल राष्ट्र था वह अनेक टुकड़ों में बदल गया।। अरब इराक ईरान बना काबुल पाकिस्तान बना। बांग्लादेश म्यांमार श्रीलंका भूटान एवं नेपाल बना।। हिंदू हित के धनी क्षेत्र तिब्बत और कैलाश गया। श्याम देश व हिन्देशिया भी हिंदू संस्कृति से दूर गया।। उन क्षेत्रों का नाम अलग था पर संस्कृति भारत की थी। रीति रिवाज विचार सभ्यता राम कृष्ण तथागत की थी।। स्वार्थ सिद्धि मतभेद बढ़ाकर हमने सब कुछ गंवा दिया। भारत के विस्तृत भू-भाग का नक्शा छोटा बना दिया।। जहां राम भक्त कमजोर हुए वही से भारत टूट गया । आपस में कटुता हुई नए राष्ट्र धर्म का उदय हुआ।। आज भी ऐसे लोग देश पर अपनी नजर गड़ाए हैं । शत्रु भाषी सत्ता लोलुप शूर्पणखा सा रुप बनाए हैं।। मुगल गए अंग्रेज गए पर अवसरवादी आज भी हैं। भोजन वस्त्र भारत के जिम्मे पर हितैषी शत्रु पक्ष के हैं।। भारत राष्ट्र सनातन हिंदू कहते होती है उनको पीड़ा। जय श्री राम कोई बोले तो बढ़ती है उनकी इर्ष्या।। गोधरा जैसा कांड हुआ तो उन्हें मौन ही अच्छा लगता है। यदि एक अखलाक मरे तब भारत में डर लगता है।। मतांतरण घुसपैठ से जनसंख्या विस्फोटक हो आई है। राम विरोधी प्रबल हुए तो यह गणतंत्र दिवस अस्थाई है।। देश को आज जरूरत है हो लक्ष्मण जैसा अनुगामी। जिन्हें राष्ट्र सर्वप्रथम दिखे हनुमत जैसा स्वामी प्रेमी।। हे भारत प्रेमी भारत में ही भारत शत्रु की पहचान करो। कर दो उनका चरित्र उजागर ना उनका सम्मान करो।। हो राजनीति में भारत पहले हम भारत को शीश नवाते हैं। तो हम भारत मां के सपूत सच में गणतंत्र दिवस मनाते हैं।। वन्देमातरम मदन चतुर्वेदी एडवोकेट सोनभद्र। 09451637210. -- 09125159897.
ब्यूरो चीफ राम सुदीन सोनभद्र गणतंत्र दिवस 2025 ----------------------------- गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम गाथा भारत की गाते हैं। यह मेरा भारत खंडित है हम सबको याद दिलाते हैं।। प्राचीन सभ्यता भारत की आच्छादित विश्व पटल पर थी। वेद मंत्र की गूंज अविरल सप्त महा द्वीपों पर थी।। सभी राम पथ गामी थे राम सभी के प्रेरक थे। असुर सभ्यता के संहारक शरणागत के रक्षक थे।। युग बदला सब बदल गये राम विरोधी प्रबल भये। कामना के हो वशीभूत साम्राज्य अनेकों प्रकट भये।। सबके अपने पृथक इष्ट थे अलग थे उनके ग्रंथ विचार। सबने मिलकर धरती बांटी भिन्न संस्कृति और व्यवहार।। अनेक देश की सीमा बन गई और अपना भारत टूट गया। अब तक जो एक विशाल राष्ट्र था वह अनेक टुकड़ों में बदल गया।। अरब इराक ईरान बना काबुल पाकिस्तान बना। बांग्लादेश म्यांमार श्रीलंका भूटान एवं नेपाल बना।। हिंदू हित के धनी क्षेत्र तिब्बत और कैलाश गया। श्याम देश व हिन्देशिया भी हिंदू संस्कृति से दूर गया।। उन क्षेत्रों का नाम अलग था पर संस्कृति भारत की थी। रीति रिवाज विचार सभ्यता राम कृष्ण तथागत की थी।। स्वार्थ सिद्धि मतभेद बढ़ाकर हमने सब कुछ गंवा दिया। भारत के विस्तृत भू-भाग का नक्शा छोटा बना दिया।। जहां राम भक्त कमजोर हुए वही से भारत टूट गया । आपस में कटुता हुई नए राष्ट्र धर्म का उदय हुआ।। आज भी ऐसे लोग देश पर अपनी नजर गड़ाए हैं । शत्रु भाषी सत्ता लोलुप शूर्पणखा सा रुप बनाए हैं।। मुगल गए अंग्रेज गए पर अवसरवादी आज भी हैं। भोजन वस्त्र भारत के जिम्मे पर हितैषी शत्रु पक्ष के हैं।। भारत राष्ट्र सनातन हिंदू कहते होती है उनको पीड़ा। जय श्री राम कोई बोले तो बढ़ती है उनकी इर्ष्या।। गोधरा जैसा कांड हुआ तो उन्हें मौन ही अच्छा लगता है। यदि एक अखलाक मरे तब भारत में डर लगता है।। मतांतरण घुसपैठ से जनसंख्या विस्फोटक हो आई है। राम विरोधी प्रबल हुए तो यह गणतंत्र दिवस अस्थाई है।। देश को आज जरूरत है हो लक्ष्मण जैसा अनुगामी। जिन्हें राष्ट्र सर्वप्रथम दिखे हनुमत जैसा स्वामी प्रेमी।। हे भारत प्रेमी भारत में ही भारत शत्रु की पहचान करो। कर दो उनका चरित्र उजागर ना उनका सम्मान करो।। हो राजनीति में भारत पहले हम भारत को शीश नवाते हैं। तो हम भारत मां के सपूत सच में गणतंत्र दिवस मनाते हैं।। वन्देमातरम मदन चतुर्वेदी एडवोकेट सोनभद्र। 09451637210. -- 09125159897.