भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह किसानों के सच्चे मसीहा थे। वे चाहते थे कि देश का किसान खुशहाल रहे ताकि वह खेती के सहारे अपने परिवार का सही ढंग से भरण पोषण कर सके। उक्त विचार पूर्व सांसद राव मानसिंह के पुत्र सेवानिवृत अधिक्षण अभियंता राव सुखबिन्द्र सिंह ने आज किसान दिवस पर गाँव चिंडालिया में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह को श्रद्धांजली अर्पित करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
*उन्होंने कहा कि आज चौधरी चरणसिंह की जयंती है। वे किसान के घर पैदा हुए थे। इसलिए किसान की पीड़ा समझते थे। उनका सपना था कि किसान खुशहाल हो ताकि देश खुशहाल हो सके। इसके लिए वे किसानों को सस्ती दर पर खाद, बीज, बिजली और पानी मुहैया करवाने और उपज के उचित दाम दिये जाने की वकालत करते थे।*
उन्होंने कहा कि हमारे इलाके का किसान बड़ा मेहनती और ईमानदार है। परंतु समय पर पर्याप्त नहरी पानी, बिजली व खाद-बीज नहीं मिलने से खेती आज घाटे का सौदा साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों के उचित दाम न मिलने से किसान कर्जदार हो रहे हैं और आत्महत्या करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरणसिंह सर्वसमाज के नेता थे, लेकिन मीडिया का एक वर्ग उन्हें केवल जाट नेता कहकर एक बिरादरी तक सीमित करने का कुत्सित प्रयास करता है।किसान दिवस पर उन्होंने गाँव मंडलाना में भी लोगों को संबोधित किया और किसान नेता को याद किया।
*इस अवसर पर जयप्रकाश, बलवान, राजबीर, महेंद्र, मांगेराम, रामानंद, साहब सिंह, अत्तरसिंह, बलबीर, शेरसिंह मास्टर, सरजीत, विक्रम, प्रभातीलाल, मनोज, राजेश कुमार, बनवारी लाल आदि सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।*