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महिला सुरक्षा भ्रष्टाचार उन्मूलन सरकार की मुख्य प्राथमिकताएं: मुख्यमंत्री
पेपरलीक की घटनाओं की जांच के लिए गठित होगी एसआईटी यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राजस्थान को आगे बढ़ाएगी प्रदेश सरकार

ब्यूरो चीफ डॉ. राम दयाल भाटी
जयपुर, 15 दिसंबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत कहा कि महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार उन्मूलन हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकताएं होंगी। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में चलते हुए प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों, गरीबों, महिलाओं एवं युवाओं को ध्यान में रखते हुए मजबूत फैसलें लेगी एवं राजस्थान को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएगी।
महिलाओं के विरूद्ध अपराध पर किया जाएगा पूर्णतया नियंत्रण
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्षों में महिला सुरक्षा प्रदेश में एक बड़ा मुद्दा रहा है। प्रदेश की महिलाओं में सुरक्षा की भावना विकसित करने के लिए महिलाओं के विरूद्ध अपराधों के समूल उन्मूलन के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए ताकि प्रदेश की मातृशक्ति को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। इसके साथ ही, असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों को चिन्हित कर उन पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे महिलाओं के विरुद्ध होने वाले सभी अपराधों की पूर्णतया रोकथाम हो सके।
प्रदेश की जनता को मिलेगी भ्रष्टाचार से मुक्ति
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार में प्रदेश की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त रही है। अब जनता को इस समस्या से मुक्ति मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टोलरेन्स की नीति पर चलते हुए कार्य करेगी। एक भी भ्रष्टाचारी कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा। प्रदेश के सभी राजकीय कार्यालयों में शुचिता के साथ कार्य होना चाहिए। लम्बित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण होना चाहिए तथा कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का संवेदनशीलता एवं सम्मान के साथ समाधान होना चाहिए।
पेपरलीक मामलों की जांच के लिए एसआईटी होगी गठित
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में गत वर्षों में वृहद स्तर पर पेपरलीक की घटनाएं सामने आई है। इससे प्रदेश के युवाओं का मनोबल टूटा है। साथ ही, परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं के प्रति उनका विश्वास कमजोर हुआ है।

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