जम्मू कश्मीरपुंछब्रेकिंग न्यूज़स्वास्थ्य
बालनोई बेस पर मेडिकल कैंप का आयोजन, 250 लोगों को मिला स्वास्थ्य लाभ
कृष्णा घाटी ब्रिगेड और 30 पंजाब बटालियन की सामुदायिक पहल, 40 दिव्यांग लाभार्थियों के लिए कृत्रिम अंग की प्रक्रिया शुरू

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार, पुंछ
मेंढर, 7 सितंबर। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के कल्याण और मानवीय सहायता के उद्देश्य से भारतीय सेना की कृष्णा घाटी ब्रिगेड के तत्वावधान में 30 पंजाब बटालियन द्वारा बालनोई बेस में एक व्यापक मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में आसपास के सीमावर्ती गांवों से बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा उन्हें निवारक स्वास्थ्य देखभाल, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के प्रति जागरूक करना था।
मेडिकल कैंप में किवानिस क्लब, नई दिल्ली से जुड़े चिकित्सकों के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) और 30 पंजाब बटालियन के मेडिकल अधिकारियों ने भाग लिया। चिकित्सकों ने स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य जांच की, चिकित्सकीय परामर्श दिया और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस दौरान बालनोई तथा आसपास के दूरदराज क्षेत्रों के करीब 250 लोगों ने चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाया। कैंप में विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच के साथ लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक सावधानियों और समय पर उपचार लेने के बारे में जानकारी दी गई।
40 दिव्यांग लाभार्थियों के लिए कृत्रिम अंग की तैयारी
मेडिकल कैंप के दौरान दिव्यांगजनों की जरूरतों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कृत्रिम अंग की आवश्यकता वाले 40 लाभार्थियों के माप लिए गए, ताकि उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार कस्टमाइज्ड कृत्रिम अंग तैयार किए जा सकें।
एनजीओ द्वारा तैयार किए जाने वाले ये कृत्रिम अंग बाद में लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
स्थानीय लोगों ने सेना की पहल की सराहना की
मेडिकल कैंप में स्थानीय लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों ने सीमावर्ती क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और दिव्यांगजनों की सहायता के लिए भारतीय सेना, चिकित्सा टीमों तथा सहयोगी संस्थाओं द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।
कृष्णा घाटी ब्रिगेड और 30 पंजाब बटालियन द्वारा आयोजित यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की निरंतर सामुदायिक सहभागिता और मानवीय सहायता का हिस्सा है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ सेना और स्थानीय समुदायों के बीच विश्वास, सहयोग और सद्भाव को भी मजबूत किया जा रहा है।
भारतीय सेना द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य, कल्याण और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कृष्णा घाटी ब्रिगेड और 30 पंजाब बटालियन ने सीमावर्ती समुदायों के कल्याण, सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

Subscribe to my channel


