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स्वयं सहायता समूह से बदली शीला देवी की जिंदगी, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

बस्ती से वेदान्त सिंह

 

बस्ती, 02 जून 2026। बस्ती जनपद के हर्रैया क्षेत्र स्थित महुवापार गांव की निवासी शीला देवी ने संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर अपनी जिंदगी की तस्वीर बदल दी है। कभी आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से जूझने वाली शीला देवी आज सफल उद्यमी बनकर ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

शीला देवी बताती हैं कि पहले उनका परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे परिवार की स्थिति लगातार खराब होती जा रही थी। ऐसे समय में गांव में स्वयं सहायता समूह की शुरुआत हुई और आईसीआरपी दीदी के मार्गदर्शन में उन्होंने 12 महिलाओं के साथ मिलकर “कृषि आजीविका स्वयं सहायता समूह” का गठन किया।

समूह से जुड़ने के बाद शीला देवी ने नियमित बचत, वित्तीय प्रबंधन और ऋण संचालन की जानकारी प्राप्त की। समूह को विभिन्न योजनाओं के तहत रिवॉल्विंग फंड (आरएफ) के रूप में 15 हजार रुपये, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) के रूप में 1.10 लाख रुपये तथा कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) जैसी सुविधाएं मिलीं, जिससे समूह की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।

इसी सहयोग से शीला देवी ने समूह के माध्यम से 2 लाख रुपये का ऋण लेकर इलेक्ट्रॉनिक एवं कपड़ों की दुकान शुरू की। शुरुआत में बाजार की समझ, ग्राहकों को आकर्षित करने और प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप सामान उपलब्ध कराने और बेहतर व्यवहार के कारण उनकी दुकान धीरे-धीरे लोकप्रिय होती गई।

आज शीला देवी की वार्षिक आय लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर रही हैं। समाज में उनकी पहचान एक आत्मनिर्भर और सम्मानित महिला के रूप में बन चुकी है।

शीला देवी का कहना है कि स्वयं सहायता समूह ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। वे अब अन्य महिलाओं को भी समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी सफलता से प्रभावित होकर गांव की कई महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, डेयरी और कृषि आधारित छोटे व्यवसायों की शुरुआत कर चुकी हैं।

उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं और सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि योजनाओं का सही लाभ लिया जाए और मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए तो कोई भी व्यक्ति अपनी परिस्थितियों को बदल सकता है।

महुवापार की शीला देवी की यह सफलता कहानी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामूहिक प्रयास की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, सही मार्गदर्शन और सामूहिक सहयोग के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

 

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Vedant Singh

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