शब्दमय रंग संस्थान में कला–साहित्य का अनोखा संगम, कविताओं पर लाइव पेंटिंग की श्रृंखला-11 सम्पन्न
शब्दमय रंग संस्थान द्वारा आयोजित कविताओं पर कवि द्वारा बोलते हुए लाइव पेंटिंग की कला श्रृंखला-11 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. रेणुका व्यास “नीलम” ने अपनी चर्चित कविता “प्रतीक्षा के जुगनू” का वाचन किया। कवयित्री की रचना पर आधारित लाइव पेंटिंग को चित्रकार धर्मा स्वामी ने भावपूर्ण रंगों में साकार किया।
लाइव पेंटिंग में कलाकार धर्मा स्वामी ने कविता की विरह, आत्मचिंतन, मौन करुणा और भीतरी संवाद को गहरे रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। केनवास पर उभरती एक स्त्री की अंतर्मुखी अवस्था, उसके भीतर चल रहा द्वंद्व और पीछे चल रही दुनिया की धुँधली छायाएँ कला के रूप में जीवंत दिखीं। पृष्ठभूमि में बैंगनी-नीले त्रिकोणों के बीच उकेरी गई छोटी-छोटी आकृतियाँ किसी प्रेमी की छाया, बचपन की स्मृति और अधूरी प्रार्थना को प्रतीकात्मक रूप में दर्शाती हैं।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ चित्रकार हरि गोपाल सन्नू हर्ष के निर्देशन में किया गया। शब्दमय रंग संस्थान के कलाकार राम कुमार भादाणी ने बताया कि इस अनोखे प्रयास में “कला और साहित्य के मेल” की एक नई मिसाल देखने को मिली है। उनके अनुसार, पेंटिंग कविता की भावनाओं को दृश्य रूप में प्रस्तुत करती है और दर्शकों को एक गहन अनुभूति प्रदान करती है।
संस्थान में तैयार की गई यह पेंटिंग आगामी समय में प्रदर्शनी के लिए प्रदर्शित की जाएगी।
कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का धन्यवाद शिक्षिका विमलेश और कीर्ति व्यास द्वारा किया गया।