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बीकानेर में 70 वर्षों से रावण का किरदार निभा रहा आहूजा परिवार, ‘मंदोदरी भाभी’ कहलाने पर गर्व महसूस करती हैं कांता आहूजा

के. कुमार आहूजा बोले— श्रीराम के साथ अभिनय करते हुए जीवन का अंतिम समय आए तो खुद को धन्य समझूंगा

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

बीकानेर। आमतौर पर यदि किसी महिला को पड़ोसी ‘मंदोदरी भाभी’ कहकर संबोधित करें तो वह नाराज हो सकती है, लेकिन बीकानेर शहर के जय नारायण व्यास कॉलोनी सेक्टर नंबर पांच की निवासी श्रीमती कांता आहूजा को जब लोग मंदोदरी भाभी कहकर पुकारते हैं, तो वह नाराज होने के बजाय गर्व महसूस करती हैं। इसके पीछे उनके परिवार की दशहरा उत्सव से जुड़ी लगभग 70 वर्षों पुरानी अनूठी परंपरा है।

दरअसल, बीकानेर दशहरा कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला एवं दशहरा कार्यक्रम में आहूजा परिवार पिछले सात दशकों से रावण की भूमिका निभाता आ रहा है। इस परंपरा की शुरुआत स्वर्गीय माधव दास आहूजा ने की थी, जिन्होंने लगातार 23 वर्षों तक रावण का किरदार निभाया।

इसके बाद पूर्व आयकर अधिकारी शिवाजी आहूजा ने इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लगातार 25 वर्षों तक रावण की भूमिका निभाकर सिल्वर जुबली पूरी की। अब परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में उनके बड़े भाई मोहनलाल आहूजा के सुपुत्र के. कुमार आहूजा पिछले 23 वर्षों से इस ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।

रंगकर्मी के साथ वरिष्ठ पत्रकार और एंकर भी हैं के. कुमार आहूजा

के. कुमार आहूजा एक अनुभवी रंगकर्मी होने के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकार और एंकर भी हैं। रावण का किरदार उनके लिए महज अभिनय नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत, कला के प्रति समर्पण और भगवान श्रीराम के प्रति आस्था का प्रतीक बन चुका है।

रूबरू बातचीत के दौरान के. कुमार आहूजा ने भावुक होते हुए कहा, “मैं अपने जीवन के 68 बसंत देख चुका हूं। मेरी यही इच्छा है कि यदि मेरे जीवन का अंतिम समय भी श्रीराम जी के साथ अभिनय करते हुए आए, तो मैं अपने जीवन को सफल मानूंगा।”

उनके इस कथन से रंगमंच के प्रति उनका गहरा लगाव और धार्मिक परंपराओं के प्रति समर्पण स्पष्ट झलकता है।

बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत की अनूठी मिसाल

आहूजा परिवार की यह परंपरा बीकानेर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का अनूठा उदाहरण है। जहां एक ओर दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है, वहीं दूसरी ओर इस परिवार के सदस्य पीढ़ी-दर-पीढ़ी रावण का किरदार निभाकर रामलीला की परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं।

यही कारण है कि श्रीमती कांता आहूजा के लिए ‘मंदोदरी भाभी’ का संबोधन किसी नाराजगी का नहीं, बल्कि परिवार की गौरवशाली रंगमंचीय विरासत और सम्मान का प्रतीक है।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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