बालोतराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानशिक्षा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जोधपुर प्रांत द्वारा आयोजित प्रांतीय मरू निनाद घोष शिविर के समापन समारोह हेतु श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल को मिला निमंत्रण
15 नवंबर को संत श्री राजारामजी पावन तीर्थ धाम, शिकारपुरा में होगा समापन समारोह, परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का रहेगा सान्निध्य

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जसोल, 13 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जोधपुर प्रांत की ओर से आगामी 15 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले प्रांतीय मरू निनाद घोष शिविर के समापन समारोह में सहभागिता हेतु श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल को निमंत्रण पत्र प्रदान किया गया है।
संस्थान के प्रवक्ता कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जोधपुर प्रांत द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का समापन समारोह रविवार, 15 नवंबर 2026 को सायं 4:11 बजे संत श्री राजारामजी पावन तीर्थ धाम, शिकारपुरा, जोधपुर में आयोजित होगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का सान्निध्य प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में समाज संगठन, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, सामाजिक समरसता एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इसी क्रम में जोधपुर प्रांत द्वारा प्रांतीय मरू निनाद घोष शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा भारतीय पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से घोष की विभिन्न प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी।
कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में घोष एवं रणवाद्यों की गौरवशाली परंपरा प्राचीन काल से रही है। रामायण एवं महाभारत जैसे महाकाव्यों में भी विभिन्न प्रकार के रणवाद्यों का उल्लेख मिलता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस सांस्कृतिक परंपरा को अपने संगठनात्मक कार्यक्रमों का महत्त्वपूर्ण अंग बनाया है। संघ के स्वयंसेवक सामूहिक घोष वादन के माध्यम से अनुशासन, समन्वय, एकाग्रता एवं संगठनात्मक एकता का परिचय देते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रांतीय घोष शिविर जैसे आयोजन भारतीय पारंपरिक संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के साथ नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का महत्त्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे कार्यक्रम स्वयंसेवकों में अनुशासन, सामूहिकता, संगठनात्मक समन्वय एवं राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जोधपुर प्रांत की ओर से श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल को इस विशेष समारोह में सहभागिता हेतु आमंत्रित किया गया है। संघ के शताब्दी वर्ष में परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के सान्निध्य में आयोजित होने वाला यह समारोह भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं, संगठनात्मक अनुशासन एवं राष्ट्रीय एकता की भावना के दृष्टिकोण से विशेष महत्त्व रखता है।

Subscribe to my channel


