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इंटैक नेशनल हेरिटेज क्विज 2026 का पादरू में आयोजन, विद्यार्थियों ने दिखाया विरासत ज्ञान
9 विद्यालयों के 88 विद्यार्थियों ने लिया भाग; भारतीय कला, संस्कृति, इतिहास एवं धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
पादरू (सिवाना)। इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH), बाड़मेर चैप्टर के तत्वावधान एवं इंटैक बाड़मेर चैप्टर के संयोजक रावल किशन सिंह जसोल के मार्गदर्शन में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पादरू, सिवाना में इंटैक नेशनल हेरिटेज क्विज 2026 का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में क्षेत्र के 9 विद्यालयों के कुल 88 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर भारत की कला, संस्कृति, इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत से संबंधित अपने ज्ञान का परिचय दिया।
प्रतियोगिता में पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पादरू से 10, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पादरू से 10, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नवडीया बेरा से 10, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खलवाना नाडा से 10, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मिठोड़ा से 8, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पादरू से 10, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय रेलो की सराय से 10, माँ सरस्वती बाल निकेतन माध्यमिक विद्यालय पादरू से 10 तथा नारायण बाल निकेतन पादरू से 10 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
प्रारंभिक चरण के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों के बीच अंतिम मुकाबला आयोजित हुआ। अंतिम परिणाम में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पादरू की दुर्गा एवं दीना कुमारी ने प्रथम स्थान, माँ सरस्वती विद्या मंदिर पादरू के रणजीत सिंह एवं प्रदीप चौहान ने द्वितीय स्थान तथा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, रेलो की सराय की तरुणा कंवर एवं डिंपल कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर इंटैक के आजीवन सदस्य कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि भारत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और गौरव का आधार है। नई पीढ़ी को अपने इतिहास, लोक संस्कृति, कला, स्थापत्य एवं परंपराओं से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है। इंटैक द्वारा आयोजित हेरिटेज क्विज जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को अपनी विरासत को जानने-समझने का अवसर देने के साथ ही उसके संरक्षण के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार बनाती हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विद्यार्थियों को पुस्तकीय शिक्षा के साथ अपने आसपास की धरोहरों और परंपराओं से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि क्षेत्र की स्थानीय ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत, कला, लोक संस्कृति, परंपराओं और धरोहरों से जुड़ी जानकारी अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं आमजन तक पहुंचाई जाए। नई पीढ़ी को अपनी स्थानीय विरासत से परिचित कराने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के इतिहास, कला-संस्कृति एवं धरोहरों से जोड़कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।
इंटैक के आजीवन सदस्य पृथ्वी सिंह रामदेरिया ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों, लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों एवं युवाओं की भागीदारी से विरासत संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने क्षेत्र के इतिहास को जानने तथा स्थानीय धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
इंटैक के आजीवन सदस्य प्रेम सिंह पादरू ने कहा कि हेरिटेज क्विज जैसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भारत और राजस्थान की समृद्ध विरासत को जानने का अवसर मिलता है। विद्यालय स्तर पर ऐसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने से विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति, इतिहास एवं परंपराओं के प्रति रुचि तथा गौरव का भाव विकसित होगा।
इंटैक के आजीवन सदस्य मान सिंह राजपुरोहित ने इंटैक बाड़मेर चैप्टर की गतिविधियों में और अधिक सक्रियता लाने पर जोर देते हुए कहा कि जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने के लिए नियमित गतिविधियाँ आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने विद्यालयों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों की सहभागिता बढ़ाकर विरासत संरक्षण के प्रयासों को व्यापक बनाने की आवश्यकता बताई।
पादरू प्रशासक प्रतिनिधि जबर सिंह पादरू ने कहा कि क्षेत्र में इस प्रकार की शैक्षणिक एवं विरासत आधारित गतिविधियाँ विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, स्थानीय इतिहास एवं संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों एवं समाज की सहभागिता से विद्यार्थियों में विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही उसके संरक्षण की भावना विकसित की जा सकती है। भविष्य में भी क्षेत्र के विद्यार्थियों को विरासत संरक्षण से जोड़ने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम का मंच संचालन जेतमाल सिंह, प्राचार्य जसोल ने किया।
कार्यक्रम में इंटैक के आजीवन सदस्य प्रेम सिंह राणीगाँव, मोहन भाई पंजाबी एवं सुमेर सिंह वरिया, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धारणा के प्राचार्य महेंद्र सिंह राठौड़ तथा पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पादरू की प्राचार्य अल्का भुंड सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय कला, संस्कृति एवं विरासत के प्रति रुचि विकसित करने तथा उसके संरक्षण एवं संवर्धन में सहभागी बनने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पादरू के प्राचार्य अभय सिंह राजपुरोहित ने इंटैक बाड़मेर चैप्टर, अतिथियों, सहभागी विद्यालयों, शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

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