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गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में प्रसूति और नेत्र सेवाएं होंगी मजबूत, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने दिए निर्देश

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
गंगाशहर, 29 सितंबर 2026। गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में प्रसूति एवं नेत्र चिकित्सा सेवाओं को सुचारू और सुदृढ़ करने के लिए सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं जन अभाव अभियोग सतर्कता समिति सदस्य मोहन सुराणा के नेतृत्व में गंगाशहर नागरिक परिषद् के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में चिकित्सकों की कमी और प्रसूति तथा नेत्र विभाग की सेवाओं में आ रही बाधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। मोहन सुराणा ने कहा कि अस्पताल में दानदाताओं के सहयोग से कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं, लेकिन पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ के अभाव में आमजन को इन संसाधनों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
प्रसूति विभाग में डॉ. खुशबू जोशी की ड्यूटी के निर्देश
प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने प्रसूति विभाग की डॉ. खुशबू जोशी की पूर्व की भांति गंगाशहर अस्पताल में ड्यूटी निर्धारित करने के निर्देश विभागाध्यक्ष को दिए। साथ ही प्रसूति विभाग में तीन प्रशिक्षित मिडवाइफरी की रोटेशन के आधार पर व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अस्पताल में प्रसव की समुचित सुविधा उपलब्ध हो सके।
डॉ. वर्मा ने कहा कि गंगाशहर अस्पताल में प्रसूति विभाग की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन, चिकित्सकों एवं स्टाफ को वर्तमान में कम से कम 10 प्रसव प्रतिमाह का लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी भी दी।
नेत्र विभाग के लिए तीन चिकित्सकों की रोटेशन व्यवस्था
नेत्र चिकित्सक डॉ. संजीव सहगल के सेवानिवृत्त होने के बाद गंगाशहर अस्पताल में नेत्र विभाग की ओपीडी और नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर प्रभावित हुए थे। इसे देखते हुए डॉ. वर्मा ने नेत्र विभाग के लिए तीन चिकित्सकों की 10-10 दिन के रोटेशन के आधार पर ड्यूटी लगाने के आदेश जारी किए हैं।
इसके अलावा नए नेत्र चिकित्सक की पदस्थापना होने तक वैकल्पिक चिकित्सक की व्यवस्था करने के लिए संयुक्त निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी को पत्र लिखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अस्पताल को 100 बेड तक क्रमोन्नत करने का प्रस्ताव
डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि गंगाशहर अस्पताल में इनडोर सेवाओं और प्रयोगशाला की ऑनलाइन सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या और उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों के बावजूद रिकॉर्ड में इसका उचित प्रतिबिंब नहीं होने के कारण अस्पताल के क्रमोन्नयन में कठिनाई आ रही है।
उन्होंने बताया कि गंगाशहर अस्पताल को 100 बेड के सैटेलाइट अस्पताल के रूप में क्रमोन्नत करने तथा यहां प्रसूति विभाग की समुचित व्यवस्था के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।
37 जूनियर रेजिडेंट की नियुक्ति प्रस्तावित
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जतनलाल दूगड़ ने अस्पताल में शाम और रात्रिकालीन आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग से एसआर की नियुक्ति की मांग रखी। इस पर प्राचार्य डॉ. वर्मा ने बताया कि आगामी 10-15 दिनों में 37 जूनियर रेजिडेंट (जेआर) की नियुक्ति प्रस्तावित है। नियुक्तियां होने के बाद गंगाशहर अस्पताल में आवश्यकता के अनुसार जेआर की तैनाती की जा सकेगी।
10 गांवों के 2 लाख से अधिक लोगों को लाभ
मोहन सुराणा ने कहा कि गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल आसपास के करीब 10 गांवों के दो लाख से अधिक लोगों के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। अस्पताल में सुविधाओं और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता बढ़ने से बड़ी आबादी को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
डॉ. वर्मा ने अस्पताल में आभा, आईएचएमएस एवं मां योजना जैसी व्यवस्थाओं का अधिकतम उपयोग करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे अस्पताल की आरएमआरएस आय में वृद्धि होगी और इस राशि का उपयोग अस्पताल के विकास में किया जा सकेगा।
प्राचार्य डॉ. वर्मा ने कहा कि वे आगामी एक-दो दिनों में स्वयं गंगाशहर अस्पताल का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन सुराणा, विमल पारीक, जतनलाल दूगड़ सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। बच्छराज रांका ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की सुविधाओं को लेकर तत्काल निर्देश जारी करने और कार्रवाई का आश्वासन देने पर प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा का आभार व्यक्त किया।

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