उत्तर प्रदेशदेशबस्तीब्रेकिंग न्यूज़

आत्मविजेता ही विश्व विजेता : डॉ. नवीन योगी

आत्मानुशासन और आत्मपरिष्कार से ही मनुष्य अपने वास्तविक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकता है

बस्ती से वेदान्त सिंह

 

बस्ती। साधना का वास्तविक अर्थ आत्मानुशासन है। अपने ऊपर विजय प्राप्त करने वाले व्यक्ति को ही सबसे बड़ा योद्धा माना गया है। दूसरों पर आक्रमण करना सरल है, लेकिन अपनी कमजोरियों, कुसंस्कारों और दुर्गुणों पर विजय पाना ही सच्ची वीरता है। यह विचार डॉ. नवीन योगी ने व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि मनुष्य के वास्तविक शत्रु बाहर नहीं, बल्कि उसके भीतर छिपे कुसंस्कार और पशु प्रवृत्तियां हैं। ये प्रवृत्तियां व्यक्ति की आंतरिक उत्कृष्टता को दबाए रखती हैं और जब वह जीवन में श्रेष्ठता की ओर कदम बढ़ाता है, तब बाधा बनकर सामने आती हैं। इनसे संघर्ष करना किसी बड़े युद्ध से कम नहीं है।

डॉ. नवीन योगी ने कहा कि जिस प्रकार घुन लकड़ी को और विषाणु स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, उसी प्रकार व्यसन और दुर्गुण मनुष्य के व्यक्तित्व तथा उसके जीवन के अभ्युदय को प्रभावित करते हैं। जब तक व्यक्ति अपने इन वास्तविक शत्रुओं को पहचानकर उनकी जड़ों को समाप्त नहीं करता, तब तक उसके विकास के प्रयास पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकते।

उन्होंने कहा कि ऋषि-मनीषियों ने सदैव मनुष्य को “अपने को जानो और अपने आपे को पहचानो” का संदेश दिया है। इसका मूल भाव यही है कि व्यक्ति अपने भीतर झांककर अपनी शक्तियों और कमजोरियों को पहचाने। दूसरों के दोष देखना आसान है, लेकिन अपने दोषों को पहचानना और उन्हें सुधारना सबसे कठिन कार्य है।

उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति निरंतर आत्मचिंतन, आत्मसंयम और आत्मपरिष्कार के माध्यम से अपने भीतर के अवगुणों पर विजय प्राप्त कर लेता है, वही वास्तविक अर्थों में आत्मविजेता है। और आत्मविजेता ही आगे चलकर विश्वविजेता बनने की क्षमता रखता है।

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Related Articles

Back to top button