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मुंडेरवा नगर पंचायत में करोड़ों की आरओ मशीनों पर उठे सवाल, कई मशीनें गायब तो कई पड़ी हैं बंद

संवाददाता अवधेश यादव, बस्ती
बस्ती। नवसृजित मुंडेरवा नगर पंचायत में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर स्थापित की गई मिनी आरओ मशीनों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कई स्थानों से आरओ मशीनें गायब होने तथा कई मशीनों के लंबे समय से खराब और बंद पड़े होने का मामला सामने आया है।
इस संबंध में श्रीराम नगर वार्ड संख्या-7 के भाजपा नेता संजय चौधरी ने नगर पंचायत मुंडेरवा की अधिशासी अधिकारी कीर्ति सिंह को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, वार्ड संख्या-2 स्थित अंबेडकर नगर चौक के पास, आईटीआई परिसर के बगल तथा गन्ना विकास इंटर कॉलेज के निकट लगाए गए मिनी आरओ प्लांट वर्तमान में दिखाई नहीं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन मशीनों का क्या हुआ और इन्हें कहां हटाया गया, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।
बताया जा रहा है कि एक मिनी आरओ मशीन की लागत लगभग 15 लाख रुपये है। नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 11 आरओ मशीनें स्थापित की गई थीं, लेकिन इनमें से कई मशीनें जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं, जबकि कुछ लंबे समय से खराब होकर बंद पड़ी हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग द्वारा आरओ मशीनों का नियमित रखरखाव नहीं कराया जा रहा है और खराब मशीनों की मरम्मत भी नहीं कराई जा रही है। इसके कारण नगरवासियों को सरकार की स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
भाजपा नेता संजय चौधरी ने मांग की है कि गायब आरओ मशीनों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा बंद और खराब पड़ी मशीनों को शीघ्र चालू कराया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा फिर से उपलब्ध हो सके।
फिलहाल नगर पंचायत प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के बाद स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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