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तिजारा व्यापारी की आत्महत्या से सनसनी: ASI पर 18 हजार रिश्वत लेने और सबूत मिटाने का आरोप, मौत से पहले फेसबुक पोस्ट में लगाए गंभीर आरोप

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
तिजारा/अलवर। तिजारा मंडी के व्यापारी राजेश गुप्ता (52) की अलवर स्थित एक गेस्ट हाउस में संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। आत्महत्या से पहले व्यापारी ने फेसबुक पर एक लंबी पोस्ट लिखकर तिजारा पुलिस के एक एएसआई और अपनी पूर्व लिव-इन पार्टनर पर गंभीर आरोप लगाए। पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार राजेश गुप्ता पिछले तीन दिनों से घर से बिना बताए लापता थे। बुधवार दोपहर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपनी पीड़ा व्यक्त की और कुछ ही देर बाद अलवर शहर के तेज मंडी क्षेत्र स्थित ‘द रॉयल गेस्ट हाउस’ में फंदा लगाकर जान दे दी। फेसबुक पोस्ट में एएसआई पर रिश्वतखोरी के आरोप
मौत से पहले लिखी गई फेसबुक पोस्ट में राजेश गुप्ता ने तिजारा थाने में तैनात एएसआई महेंद्र सिंह यादव पर 18 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि एएसआई ने विपक्षी पक्ष से सांठगांठ कर उनके मामले की फाइल से महत्वपूर्ण गवाहियां और सबूत गायब कर दिए।
पोस्ट में उन्होंने आईजी और एसपी से एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा कि ऐसे अधिकारी को सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। हालांकि संबंधित मामले में पहले तिजारा सीओ शिवराज सिंह जांच कर विपक्षी पक्ष द्वारा दर्ज कराए गए एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे को झूठा मानते हुए एफआर लगा चुके थे।
सीओ को भेजा मैसेज, फिर बंद कर दिया फोन तिजारा सीओ शिवराज सिंह ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे राजेश गुप्ता ने अपनी फेसबुक पोस्ट उन्हें वॉट्सऐप पर भेजी। इसके तुरंत बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
सीओ के अनुसार पोस्ट पढ़ने के बाद किसी अनहोनी की आशंका हुई, जिसके चलते तत्काल लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास शुरू किया गया। प्रारंभिक प्रयासों में सफलता नहीं मिली। पुलिस उनके घर पहुंची, लेकिन परिजनों को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
बाद में दोबारा लोकेशन ट्रेस करने पर राजेश की मौजूदगी अलवर शहर के तेज मंडी क्षेत्र में मिली। सूचना पर अलवर पुलिस ने गेस्ट हाउस में पहुंचकर जांच की, जहां कमरे में उनका शव पंखे से लटका मिला। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लिव-इन पार्टनर से चल रहा था विवाद, पुलिस जांच में सामने आया है कि राजेश गुप्ता पिछले करीब दो वर्षों से सोनू नामक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था।
महिला ने राजेश के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था, जबकि राजेश ने महिला पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के बाद दोनों मामलों में पुलिस द्वारा एफआर लगा दी गई थी। पांच लाख रुपए हड़पने का लगाया आरोप
फेसबुक पोस्ट में राजेश गुप्ता ने महिला और उसकी बहन पर ठगी का गिरोह चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनसे करीब पांच लाख रुपए लिए गए तथा पारिवारिक कार्यक्रमों को प्रभावित करने की धमकियां भी दी गईं। अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने कुछ वॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर साझा किए। व्यापारी ने पोस्ट में व्यापारिक नुकसान और मंडी से जुड़े कुछ वित्तीय विवादों का भी उल्लेख किया था। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ राजेश गुप्ता अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। वहीं फेसबुक पोस्ट, साझा किए गए दस्तावेजों और परिजनों की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों और लगाए गए आरोपों की हर पहलू से जांच की जाएगी तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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