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श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान का नाबार्ड के सहयोग से आयोजित दस दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण का हुआ समापन
महिला प्रशिक्षणार्थियों को ऋण योजनाओं,पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं आजीविका के अवसर की जानकारी प्रदान की

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर/रायसर । श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान (एसजीएसएस) द्वारा रायसर में नाबार्ड द्वारा आयोजित दस दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नाबार्ड के रमेश एवं अध्यक्षता मरुधरा ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक नवीन कुमार सहू ने की। जबकि विशिष्ट अतिथि केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (सीएसडब्ल्यूआरआई ) डॉ. सुमनिल महावर , नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अरविंद चाहर, पूर्व खण्ड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोलायत डॉ. अनिल कुमार, श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान के सचिव धर्मपाल तथा बालाजी स्वयं सहायता समूह की श्रीमती किशना थी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नवीन कुमार सहू ने महिला प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि मरुधरा ग्रामीण बैंक द्वारा पशुपालन के लिए विभिन्न ऋण सुविधा प्रदान की जाती है। यह ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं एवं किसानों को सरल शर्तों पर गाय-भैंस, बकरी पालन तथा अन्य पशुधन गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे संस्थागत ऋण के माध्यम से वे अपना व्यवसाय स्थापित कर सकती हैं।
मुख्य अतिथि नाबार्ड के रमेश ने अपने संबोधन में कहा कि बकरी पालन ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सृजन का कार्य कर रहा है। साथ ही सतत कृषि विकास, स्वयं सहायता समूह के सशक्तिकरण तथा पशुपालन आधारित उद्यम को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयासरत्त है।
इस मौके पर उन्होनें अन्य योजनाओं में डेयरी एंटरप्रेन्योरशिप डवलपमेंट स्कीम, नाबार्ड कैपिटल सब्सिडी योजना, सुक्ष्म वित्त कार्यक्रम तथा कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकोंको मिलने वाली वित्तिय एवं तकनीकी सहयोग के विषय में विस्तार से बताया और नाबार्ड की योजनाओं का लाभ लेने की बात कही।
पूर्व खण्ड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोलायत डॉ. अनिल कुमार ने महिला प्रशिक्षणार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराया।
केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के डॉ. सुमनिल महावर ने महिला प्रशिक्षणार्थियों को बकरियों के टीकाकरण कार्यक्रम के बारे तकनीकि जानकारी प्रदान की।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, बीकानेर अरविन्द चाहर ने नाबार्ड द्वारा प्रायोजित बकरी पालन आजीविका प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य, सरंचना एवं अपेक्षित परिणामों के बारे में अवगत कराया। साथ ही प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि महिलाओं को बकरी के नस्ल चयन, बाड़ा निर्माण, आहार प्रबंधन, स्वास्थ्य देखभाल, टीकाकरण, प्रजनन प्रबंधन, दूध एवं मांस उत्पादन, विपणन एवं अभिलेख संधारण जैसे विषय पर सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के डॉ. सुमनिल महावर ने महिला प्रशिक्षणार्थियों को बकरियों के टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में तकनीकि जानकारी खुरपका, मुंहपका, पीपीआर, एंटरोटॉक्सिमिया, गलघोंटू टीके को लगाने के सही समय, अंतराल एवं उम्र की जानकारी प्रदान की।
बालाजी स्वयं सहायता समूह की श्रीमती किशना ने दस दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान सीमांत एवं निर्धन किसानों के लिए आजीविका के एक अत्यंत प्रभावी साधन के रूप में बकरी पालन की महत्ता पर विशेष बल दिया। साथ ही कहा कि यह कम पूंजी, कम स्थान और सीमित संसाधनो में भी एक परिवार के लिए नियमित आय का स्त्रोत बन सकता है। श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान के धर्मपाल ने आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही महिला पालकों से कहा कि उन्होंने दस दिन के प्रशिक्षण में बकरी पालन संबंधी जो भी कुछ सीखा है, उसे अपने दैनिक जीवन में रोजगार के लिए जरुर करें। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

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