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शराब ने छीनी एक और ज़िंदगी — समाज के सामने फिर खड़ा हुआ बड़ा सवाल

लखीमपुर खीरी से रिपोर्ट — स्टेट हेड उत्तर प्रदेश डॉ. संजय कुमार पांडेय (मो. 7376326175)
#शराब_ने_एक_और_बगिया_उजाड़_दी…
लखीमपुर खीरी ज़िले में शराब के नशे ने एक बार फिर एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं। बताया जा रहा है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सुंदरवल के मैनेजर के करीबी रिश्तेदार और ड्राइवर ने नशे में धुत होकर गलत दिशा में वाहन चलाते हुए श्री राममिलन मिश्र (संगठन मंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ लखीमपुर-खीरी) की बाइक को टक्कर मार दी।
इस हादसे में राममिलन मिश्र जी गंभीर रूप से घायल हो गए। तत्काल ही परिजनों और अध्यक्ष बिजुआ श्री प्रभाकर शर्मा एवं उनकी टीम ने उन्हें लखनऊ के आइकॉन हॉस्पिटल में भर्ती कराया। करीब एक सप्ताह तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।
यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गहरी चेतावनी है।
आज शायद ही कोई घर ऐसा हो, जिसने शराब या किसी अन्य नशे के कारण अपने किसी अपने को न खोया हो।
समाजसेवी डॉक्टर संजय कुमार पांडेय ने बताया कि —
“पिछले एक वर्ष में मैंने अपने 50 से अधिक परिचितों को नशे के कारण खो दिया है। सभी की उम्र 30 वर्ष से अधिक थी, और अधिकांश मौतों का कारण शराब ही रही।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व ने अब तक इस गंभीर सामाजिक संकट को किसी मुद्दे के रूप में नहीं उठाया।
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शराब पर रोक लगाने की माँग
डॉ. पांडेय ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा —
“माननीय मुख्यमंत्री महोदय से मेरा निवेदन है कि खाद्य पदार्थों को छोड़कर बाकी सभी चीजों पर चाहे जितना टैक्स लगा दें, लेकिन शराब और नशे के अन्य पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इससे न केवल रोज़ हो रही सैकड़ों अकाल मौतें रुकेंगी, बल्कि हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा और समाज का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।”
समाज के लिए संदेश
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि नशा किसी भी रूप में जीवन नहीं, केवल विनाश देता है।
अब वक्त आ गया है कि समाज मिलकर इस बुराई के खिलाफ खड़ा हो — ताकि कोई और परिवार “राममिलन मिश्र” जैसी त्रासदी का शिकार न बने।


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