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राम स्नेही सांप्रदाय – शीथल पीठ गद्दीपति प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
महंत रामदयाल महाराज को मिली फिर राहत, पुनर्विलोकन याचिका खारिज

बीकानेर से डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर, 09 सितम्बर 2025।
राम स्नेही सांप्रदाय – शीथल पीठ गद्दीपति प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर महंत रामदयाल जी महाराज के पक्ष में फैसला सुनाते हुए क्षमाराम महाराज की पुनर्विलोकन याचिका (रिव्यू पिटिशन) को खारिज कर दिया है।
👉 वर्ष 2008 में बीकानेर जिला न्यायालय ने अपने निर्णय में महंत रामदयाल जी को शीथल पीठ का गद्दीपति एवं पीठाधीश्वर मान्यता दी थी।
👉 इस फैसले के खिलाफ क्षमाराम महाराज ने अपील दायर की थी, जिसे जोधपुर हाईकोर्ट ने 2025 में खारिज कर दिया।
👉 हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए क्षमाराम महाराज सुप्रीम कोर्ट पहुँचे, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने अपील को एडमिशन स्तर पर ही खारिज कर दिया था।
👉 इसके बाद क्षमाराम महाराज ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विलोकन याचिका दाखिल की, जिसे आज जस्टिस जे.बी. पारदीवाल और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने भी खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि श्री श्री 1008 महंत रामदयाल जी महाराज ही राम स्नेही सांप्रदाय – शीथल पीठ के विधिवत रूप से नियुक्त गद्दीपति और मुख्य महंत हैं।
महंत रामदयाल जी महाराज ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा –
“हमें न्यायपालिका और कार्यपालिका पर पूर्ण विश्वास है। सत्य की हमेशा विजय होती है।”
इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी एडवोकेट डॉ. अशोक भाटी ने दी।
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