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एक पेड़ माँ के नाम” अभियान ने ‘हरियालो राजस्थान’ को दी नई संजीवनी – एफएसएल बीकानेर परिसर में रोटरी क्लब आध्या ने किया भावनात्मक पौधरोपण

_सावन के रेड अलर्ट को सेवा और संवेदना के हरित संकल्प में बदला बीकानेर ने

 

बीकानेर से डॉ राम दयाल भाटी

 

बीकानेर न्यूज़

राजस्थान सरकार की हरियाली बढ़ाने की महत्त्वाकांक्षी योजना ‘हरियालो राजस्थान’ अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि सामाजिक संगठनों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बन गई है। इसी भावना को मूर्त रूप दिया रोटरी क्लब बीकानेर आध्या ने, जब सावन की बारिश के रेड अलर्ट को पर्यावरण संरक्षण और मातृभक्ति के भावनात्मक अभियान में परिवर्तित किया।

एफएसएल बीकानेर (क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला) परिसर में आयोजित “एक पेड़ माँ के नाम” पौधरोपण और वृक्ष सुरक्षा कार्यक्रम ने संवेदनाओं और संकल्पों को एक सूत्र में पिरो दिया। इस कार्यक्रम में वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाए गए, जो यह संदेश देते हैं कि केवल पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उसकी देखभाल भी सामाजिक ज़िम्मेदारी है।

*मातृत्व को समर्पित पर्यावरणीय पहल*

हर पौधे को एक माँ के नाम समर्पित कर इस अभियान ने एक अनोखा भावनात्मक रंग प्रदान किया। रोटरी क्लब बीकानेर आध्या की यह पहल यह दर्शाती है कि प्रकृति भी माँ की तरह हमारी रक्षा करती है और हम पर अपनी छाया बनाए रखती है। कार्यक्रम का उद्देश्य था – वृक्ष को श्रद्धा, संरक्षण को कर्तव्य और हरियाली को संस्कार बनाना।

*प्रशासनिक सहयोग और नागरिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण*

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एफएसएल के अतिरिक्त निदेशक श्री वी. वेंकटेशन ने की, जबकि रोटरी क्लब रीजन वन की चेयरपर्सन श्रीमती निशिता सुराणा मुख्य अतिथि रहीं। रोटरी क्लब आध्या की अध्यक्ष श्रीमती दीपिका चौधरी ने पर्यावरणीय असंतुलन, बढ़ते तापमान और वर्षा की अनियमितताओं के संदर्भ में वृक्षारोपण की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला।

इस मौके पर FSL से डाॅ. प्रदीप जैन (सहायक निदेशक), श्री सुरेन्द कुमार (सहायक निदेशक), श्रीमती नीलम गौड़ (सहायक निदेशक), श्रीमती सुनिता पाल (व. वै. अधिकारी) मौजूद रहे।

एफएसएल बीकानेर द्वारा इस अवसर पर प्रतिभागियों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला का शैक्षणिक भ्रमण भी करवाया गया। प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक उपकरणों और जांच प्रक्रिया की जानकारी ली, जिससे युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि भी बढ़ी।

*केवल पौधारोपण नहीं, वृक्ष की सुरक्षा का भी संकल्प*

कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि यहां केवल पौधे नहीं लगाए गए, बल्कि वृक्ष सुरक्षा गार्ड भी लगाए गए, ताकि पशुओं या अन्य कारणों से पौधों को क्षति न पहुंचे। सभी उपस्थित सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि वे इन पौधों की देखभाल करेंगे और इनके संरक्षण में व्यक्तिगत भूमिका निभाएंगे।

*रोटरी क्लब की सचिव श्रीमती संगीता शेखावत ने कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा*,

> “हम सिर्फ पेड़ नहीं लगा रहे हैं, हम आने वाली पीढ़ियों के लिए छांव, शुद्ध वायु और हरियाली का बीज बो रहे हैं।”

*महिला नेतृत्व में पर्यावरणीय जागरूकता की अलख*

इस पूरे आयोजन में महिला शक्ति का नेतृत्व उल्लेखनीय रहा। क्लब अध्यक्ष, सचिव और अन्य वरिष्ठ सदस्याओं ने स्वयं गड्ढे खोदकर पौधे रोपे और ट्रिगार्ड लगाए। उपस्थित प्रमुख महिला सदस्य थीं: दीपिका चौधरी – अध्यक्ष, संगीता शेखावत – सचिव, निशिता सुराणा – रीजन चेयर, भारती गहलोत असिस्टेंट गवर्नर ,शीला सांखला, मोनिका माहेश्वरी

इन सभी महिलाओं ने अपने व्यवहार और सहभागिता से यह सिद्ध कर दिया कि पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय में महिलाओं की भूमिका निर्णायक और प्रेरणादायक है।

*आपदा को अवसर में बदलने का प्रेरणादायक उदाहरण*

मौसम विभाग द्वारा पश्चिम राजस्थान में जारी किया गया रेड अलर्ट आमतौर पर चिंता का विषय होता है, लेकिन रोटरी क्लब आध्या ने इसे एक “हरियाली के उत्सव” में बदल दिया। यह कार्यक्रम इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि सोच सकारात्मक हो, तो कोई भी स्थिति सेवा और निर्माण का अवसर बन सकती है।

*एक बीज, एक संकल्प, एक श्रद्धांजलि*

“एक पेड़ माँ के नाम” केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह भावनात्मक, सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का संगम था। बीकानेर की इस पहल को यदि अन्य जिलों और प्रदेशों में दोहराया जाए, तो हरियालो राजस्थान महज सरकारी नारा न होकर, जन-जन की आंदोलन बन सकता है।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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