ब्रेकिंग न्यूज़भिवाड़ीराजस्थान

राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल भिवाड़ी द्वारा गैर-संकटमय औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा

 

भिवाड़ी, 24 जुलाई। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB), भिवाड़ी और सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में बीएमए सम्मेलन हॉल में “गैर-संकटमय औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य इस क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों, संभावनाओं और औद्योगिक क्षेत्र की सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा करते हुए भावी रणनीति तैयार करना रहा।

कार्यशाला के दौरान पर्यावरणीय दृष्टिकोण से उपयुक्त नियामकीय रणनीतियाँ अपनाने, व्यावहारिक मूल्यांकन विधियों के आदान-प्रदान और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रहा।

आरएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित जुयाल ने अपने संबोधन में कहा, “गैर-संकटमय औद्योगिक अपशिष्ट का कुशल प्रबंधन केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि सतत औद्योगिक विकास की आधारशिला है।”

सीएसई के विशेषज्ञ श्री शोभित श्रीवास्तव ने गैर-संकटमय अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए सीएसई द्वारा विकसित व्यावहारिक टूलकिट का परिचय दिया। श्रेया वर्मा ने अपशिष्ट इनवेंटरी की प्रक्रिया समझाई और इसे संसाधन के रूप में देखने की सोच को भविष्य के लिए आवश्यक बताया। वहीं शुभ्रजीत गोस्वामी ने सर्कुलर इकोनॉमी को प्रोत्साहित करने हेतु जीएसटी सुधारों की आवश्यकता बताई और कहा कि इससे व्यापक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकते हैं।

कार्यशाला में भिवाड़ी क्षेत्र की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों तथा विभिन्न औद्योगिक संगठनों जैसे भिवाड़ी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, भिवाड़ी जल प्रदूषण निवारण संघ, भिवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, भिवाड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती एवं खुशखेड़ा-करोली इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।

Viyasmani Tripaathi

Cheif editor Mobile no 9795441508/7905219162

Related Articles

Back to top button