अपराधउत्तर प्रदेशब्रेकिंग न्यूज़सोनभद्र

दोषी पति को 7 वर्ष की कठोर कैद

5 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी - जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी  - साढ़े तीन वर्ष पूर्व हुई अंजू देवी की मौत का मामला - अर्थदंड की धनराशि में से 4 हजार रुपये वादी को मिलेगा

ब्यूरो चीफ राम सुदीन सोनभद्र

 

सोनभद्र। साढ़े तीन वर्ष पूर्व हुई अंजू देवी की मौत के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश रविंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी पति पवन कुमार को 7 वर्ष की कठोर कैद व 5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अर्थदंड की धनराशि में से 4 हजार रुपये वादी को मिलेगा।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक झारखंड प्रांत के गढ़वा जिला अंतर्गत भवनाथपुर गांव निवासी रामनरायन राम ने कोन थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसने अपनी बेटी अंजू देवी की शादी 26 अप्रैल 2014 पवन कुमार पुत्र जमुना पासवान निवासी नेरुइयादमर, थाना कोन, जिला सोनभद्र के साथ हिंदू रीति रिवाज से हुआ था। तीन बच्चे भी पैदा हो गए। इसीबीच पता चला कि पवन का चक्कर किसी अन्य लड़की से चल रहा है। जब बेटी अंजू ने पवन से कहा कि दूसरी लड़की से बात न करें तो इसी बात को लेकर बेटी अंजू को गाली देकर अक्सर पवन मारने पीटने लगा। 11 नवंबर 2021 को जब बेटी छठ व्रत करने गई थी तो पता चला कि पवन उस लड़की को लेकर घर में सोया था। यह बात बेटी अंजू ने फोन करके बताया था। जब बेटी मायके आने की बात करने लगी तो पवन ने उसे मारापीटा और कहा कि इस लड़की को रखूंगा। तुम क्या कर सकती हो। इसी बात का बेटी अंजू को मानसिक आघात लगा और सुबह 9 बजे फांसी लगाकर बेटी अंजू ने आत्महत्या कर जीवन लीला समाप्त कर ली। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर दोषी पति पवन कुमार को दोषसिद्ध पाकर 7 वर्ष का कठोर कारावास व 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 4 हजार रुपये वादी मुकदमा को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने बहस की।

Viyasmani Tripaathi

Cheif editor Mobile no 9795441508/7905219162

Related Articles

Back to top button