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अन्तर्राष्ट्रीय ऊँट उत्सव पर एनआरसीसी करेगा उन्नत तकनीकी प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन

बीकानेर से डॉ राम दयाल भाटी

 

बीकानेर 10 जनवरी, 2025 । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी) द्वारा दिनांक 11 जनवरी को उन्नत तकनीकी प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है । केन्द्र द्वारा यह प्रदर्शनी कार्यक्रम, पर्यटन विभाग राजस्थान एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय ऊँट उत्सव (10-12 जनवरी) के उपलक्ष्य पर एन.आर.सी.सी. के कैमल स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में 11 जनवरी को ही आयोज्य ऊँट दौड़, ऊँट नृत्य, ऊँट सजावट व उष्ट्र फर कटिंग आदि के दौरान किया जा रहा है ।

निदेशक डॉ.समर कुमार घोरुई ने कहा कि अधिकाधिक पशुपालकों एवं किसानों के समक्ष नूतन प्रौद्योगिकी संबंधी जानकारी भलीभांति प्रदर्शित करने तथा बदलते परिवेश में ऊँट प्रजाति को ‘कैमल इको-टूरिज्म’ के रूप में बढ़ावा दिए जाने के प्रयोजनार्थ केन्द्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय ऊँट उत्सव के महत्वपूर्ण अवसर पर इस उन्नत तकनीकी प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है ताकि वे प्रेरित होकर अपनी आजीविका में सुधार ला सकें । डॉ. घोरुई ने ऊँटों के परंपरागत कार्यों में सीमित होती उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए कहा कि उष्ट्र पालन व्यवसाय में असीम संभावनाएं विद्यमान हैं, मानव स्वास्थ्य में ऊँटनी का दूध विभिन्न बीमारियों यथा- मधुमेह, क्षय रोग, ऑटिज्म आदि में कारगर साबित हो रहा है वहीं इसकी ऊन, त्वचा, हड्डी आदि से बने उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ रही है । उन्होंने कहा कि एनआरसीसी के वैज्ञानिकों द्वारा ऊँटनी के दूध से 25 से अधिक स्वादिष्ट दुग्ध उत्पाद विकसित किए जा चुके हैं वहीं यह केन्द्र पर्यटनीय स्थल के रूप में विश्व प्रसिद्ध है जिसे देखने प्रतिवर्ष हजारों देसी-विदेशी सैलानी, पशुपालक/किसान, स्कूली विद्यार्थी आदि शैक्षणिक भ्रमणार्थ आते हैं।

एनआरसीसी की ओर से ऊॅट उत्सव कार्यक्रम के समन्वयक डॉ.राकेष रंजन ने कहा कि केन्द्र के कैमल स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में प्रातः 9.30 बजे से आयोज्य तकनीकी प्रदर्शनी कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद एवं कृषि संबद्ध समस्त संस्थानों/केन्द्रों/विश्वविद्यालयों द्वारा उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों संबंधी अद्यतन जानकारी को किसानों/पशुपालकों, पर्यटकों व आमजन के समक्ष प्रदर्शित करने हेतु प्रदर्शनी/स्टॉल्स् लगाई जाएगी । उष्ट्र प्रजाति संबद्ध नूतन प्रौद्योगिकी आदि प्रदर्शित किए जाने के प्रयोजनार्थ ऊँट पालक, किसान, गैर सरकारी संगठन, प्रतिष्ठान भी केन्द्र से सम्पर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम सह समन्वयक डाॅ.शान्तनु रक्षित, वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदर्षनी कार्यक्रम संबंधी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। एनआरसीसी में उष्ट्र उत्सव के दौरान आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वूर्ण है जिसका लाभ ऊँट पालकों, किसानों, उद्यमियों को उठाना चाहिए।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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