जम्मू कश्मीरदेशब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्य

सीएम पर चर्चाएं तेज… गठबंधन आया तो छोटा अब्दुल्ला यानी उमर भाजपा सत्ता में आई तो हो सकता है चौंकाने वाला नाम

नतीजे भले ही आठ को आएंगे, लेकिन उससे पहले ही शतरंज का खेल शुरू , ढोल नगाड़े पटाखे की बुकिंग अभी से

 

 

राजौरी/जम्मू _

विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। आगामी मंगलवार यानी आठ अक्तूबर को परिणाम के इंतजार की उत्सुकता जितनी है, उतनी ही दिलचस्पी इस बात को भी जानने में है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। कारण यह है कि सभी राजनीतिक दल सीएम चेहरे के बिना ही मैदान में उतरे थे।
एनसी और पीडीपी तक ने मुख्यमंत्री चेहरे घोषित नहीं किए जबकि इनके कई नेता पूर्व में मुख्यमंत्री रह चुके हैं। भाजपा भी बिना चेहरे के मैदान में थी। यदि गठबंधन जीतता है तो सीएम चेहरे के रूप में एनसी ( नेशनल कांफ्रेंस) के उपाध्यक्ष छोटा अब्दुल्ला यानी उमर अब्दुल्ला का नाम आगे होने की संभावना रहेगी।
विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उनको मनाने के पीछे भी शायद यही उद्देश्य रहा है। भाजपा सत्ता में आती है, तो चेहरा कौन होगा। यह सवाल सभी के जेहन में बना हुआ है। भाजपा की ओर से रविंद्र रैना नोशहरा विधानसभा इलाका , केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का नाम राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है।
अगर भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा आता है तो यहां भी संभव है कि अन्य राज्यों की तरह वह कोई चौंकाने वाला नाम सामने ले आए। हो भी सकता है कि कोई नया राजनीतिक योगी पैदा हो रहा हो । भाजपा पिछले कुछ चुनावों में प्रदर्शन के आधार पर आश्वस्त कर रही है कि वह बहुमत का आंकड़ा छू लेगी।
कुछ राजनीतिक लोग इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रश्न यह है कि यदि भाजपा बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाती है तो वह किसके साथ गठबंधन करेगी। गठबंधन करती है तो जाहिर सी बात है कि उसे सहयोगी की बात भी माननी पड़ सकती है। ऐसे में सीएम चेहरे पर नए सिरे से पार्टी को मंथन करना पड़ सकता है।
यह सभी संभावनाएं अभी बनी हुई हैं। हालांकि भाजपा ने रविंद्र रैना को सीमावर्ती जिला राजौरी के अंतर्गत नौशहरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में उतारा। नौशहरा विधानसभा क्षेत्र से रविंद्र रैना और नेशनल कांफ्रेंस के सुरेंद्र चौधरी की आपस में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। दिलचस्प बात यह है कि जम्मू संभाग के राजौरी जिला के अंतर्गत बुद्धल विधानसभा क्षेत्र से (पीडीपी को ठुकरा कर) भाजपा में चुनावी पलड़ा भारी देख भाजपा में छलांग लगाने वाले (पीडीपी के दौरान पूर्व मंत्री और इलाके के पूर्व विधायक रह चुके) चौधरी जुल्फिकार अली मामा – एनसी की तरफ से चौधरी जावेद भांजा और कालाकोट सुंदरबनी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की तरफ से चाचा-भतीजा नेशनल कांफ्रेंस की तरफ से चुनावी मैदान में हैं। और आठ अक्तूबर के आने का सब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
अब राजनेताओं की ओर से सोशल मीडिया पर जो पोस्ट आ रही हैं, यह इशारा कर रही हैं कि सरकार बनाने की ओर आजमाइश अभी से शुरू कर दी गई है।
वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा और पीडीपी ने सरकार बनाई थी। हालांकि यह गठबंधन तीन साल ही चल सका था। अब वीरवार को पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने एक्स पर एक पोस्ट की। उसमें लिखा कि नतीजे भले ही आठ को आएंगे, लेकिन उससे पहले ही शतरंज का खेल शुरू हो चुका है। यह सब मीडिया की चकाचौंध से दूर होगा। आगे लिखा कि कश्मीर में चिनार के पेड़ों के अलावा कुछ भी सीधा नहीं है।
अभी यह सवाल हर तरह से मुश्किल है कि यदि भाजपा बहुमत का आंकड़ा पा लेती है तो इस पर फैसला लेगी कि कौन सीएम होगा। यदि भाजपा बहुमत तक नहीं पहुंचती है तो फिर यह देखना होगा कि उनके साथ गठबंधन में कौन आता है और उसकी शर्ते क्या होंगी। इसके साथ ही कितने निर्दलीय जीतेंगे और वे कहां जाएंगे। इससे काफी सारे समीकरण बनेंगे। लेकिन सभी की नजरे आठ तारीक के चुनावी आंकड़ों पर टिकी हुई हैं और नौजवान बुजुर्ग, महिलाएं सभी इंतजार में है। वहीं बतादें कि कि विधान सभा चुनाव परिणाम स्ट्रांग रूम और परिणाम स्थल कड़ी निगरानी में हैं और आसपास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए किए हुए हैं।

Viyasmani Tripaathi

Cheif editor Mobile no 9795441508/7905219162

Related Articles

Back to top button