बीकानेरब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान

राजस्थान के कल्पवृक्ष खेजड़ी की हत्या बर्दाश्त नहीं व्यापक आंदोलन खड़ा करेंगे- बिहारी लाल बिश्नोई 

पेड़ प्रकृति और जीव जगत को नष्ट करके हम भी जिंदा नहीं रह सकेंगे -आचार्य रामानंदजी महाराज  खेजड़ला की रोही में धरने के 34वें दिन उमड़ा जन सैलाब युवाओं ने दिखाई ताकत

बीकानेर से डॉ राम दयाल भाटी की रिपोर्ट

 

बीकानेर 20 अगस्त। निकटवर्ती ग्राम खेजड़ला की रोही में पर्यावरण संघर्ष समिति द्वारा लगाये जा रहे अनिश्चित कालीन धरने पर आज 34 वें दिन जन सैलाब उमड़ पड़ा जिनमें अधिकतर युवा शक्ति मौजूद रही ।

       नोखा के पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई ने कहा कि राजस्थान के कल्पवृक्ष खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई हो रही है यह वृक्ष पर्यावरण प्रेमियों के लिए सम्मानित और आस्था का केंद्र है इस वृक्ष की इस प्रकार की जा रही है कटाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी । अगर सरकार हमारी बात नहीं सुनती है तो व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

             पूर्व विधायक ने कहा कि प्रकृति और पेड़ बचेंगे तो ही मानव जीवन बचेगा। प्राण बचाने के लिए प्राण वायु आवश्यक है जो पेड़ों से मिलती है । उन्होंने कहा कि प्रत्येक बिश्नोई जन्मघुंटी के साथ ही प्रकृति प्रेम लेकर पैदा होता है ।मानव इतिहास इस बात का गवाह है कि 100 साल में एक बार महामारी आती है और जो कोरोना कल वर्तमान मानव पीढ़ी ने देखा है उसमें एक अदृश्य वायरस ने दुनिया के ताला लगा दिया था ।उसे समय असंख्य लोग मौत के मुंह में जा रहे थे उनको बचाने के प्रयास हेतु सबसे आवश्यक ऑक्सीजन को माना गया था ।वह प्राणवायु ये पेड़ ही पैदा करते हैं इसलिए एक पेड़ की कीमत करोड़ों में है । श्री बिश्नोई ने कहा कि सोलर प्लांट की आवश्यकता है मगर इस विकास के साथ प्रकृति का विनाश नहीं होना चाहिए । हमारे देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री फायदेमंद विकास की बात करते हैं जबकि सोलर प्लांट राजस्थान के कल्पवृक्ष का बलिदान ले रहे हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार का वन विभाग बिना दांत और बिना नाखुन का विभाग है जो प्रकृति को बचाने में नाकाम साबित हो रहा है । खेजड़ी अपना परिवार है इसको काटने वालों के लिए कड़ी सजा और बड़ा जुर्माना होना आवश्यक है उन्होंने कहा कि पर्यावरण की चिंता मानवता की चिंता है समस्त जीवों के अस्तित्व का सवाल है इसलिए वे शीघ्र ही राजस्थान के मुख्यमंत्री से मिलकर राजस्थान पेड़ सुरक्षा अधिनियम बनाने की मांग करेंगे। पूर्व विधायक ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सरकार उनकी मांग पूरी करेगी क्योंकि सरकार की प्रथम चिंता मानवता की चिंता होती है इसलिए इस समस्या का उचित समय पर उचित समाधान होना जरूरी है। श्री बिश्नोई ने कहा कि अगर सरकार प्रकृति बचाने के लिए कानून बनाने की बात को नहीं मानेगी तो 36 काम के लोगों को साथ लेकर आंदोलन को तेज किया जाएगा और पूरे राजस्थान में व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा ।

          मुकाम पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी रामानंद जी महाराज ने कहा कि धर्मो रक्षति रक्षित: । प्रकृति बचाना पर्यावरण को बचाना मानव धर्म है आज हमें पेड़ों के अधिकारों पर विचार करना पड़ रहा है मर्यादा और प्रकृति के अनुकूल कानून बनना जरूरी है । सोलर प्लांट पठारी और उषर भूमि में लगने चाहिए सिंचित भूमि में ऐसे प्लांट लगाना गैरकानूनी है। उन्होंने किसानों से भी आग्रह किया कि वे ऐसी उपजाऊ कृषि भूमि सौर ऊर्जा प्लांट लगाने वालों को सुपुर्द नहीं करें ।अगर दूसरे सभी जीवो को मार दिया जाएगा तो प्रकृति का संतुलन बिगड़ने से मानव भी जिंदा नहीं रह पाएगा । आचार्य श्री ने कहा कि इस धरने को निरंतर कायम रखा जाएगा और सरकार से मिलकर राजस्थान पेड़ सुरक्षा अधिनियम बनाने के प्रयास किए जाएंगे । लालासर साथरी के महंत आचार्य स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने कहा कि राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन एक्ट बनाना नितांत आवश्यक है। बीकानेर के उद्योगपति राजाराम धारणिया ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री को स्वयं खेजड़ला की राही में हेलीकॉप्टर से सर्वे करना चाहिए । भाजपा नेता मुकेश ओझा ने कहा कि ये पेड़ देव रूप है इनमें लोक देवता विराजते हैं राजस्थान की कल्पवृक्ष खेजड़ी किसी भी सूरत में नहीं कटनी चाहिए उन्होंने इस धरने का पुरजोर समर्थन किया । रामदयाल मेघवाल ने कहा कि खेजडियों के हरे-भरे बगीचे को काटने का नाम लेने से उनके हृदय में जलन हो रही है हर हालत में इसकी कटाई रोकनी चाहिए उनका पूरा समाज धरने का समर्थन करता है । बनवारी डेलू ने कहा कि धरती की सुंदरता पेड़ों से है मकानों से नहीं । स्वामी भागीदार शास्त्री ने पेड़ बचाने का कानून बनाने के लिए समय निर्धारित करने की बात पर जोर दिया और कहा कि सरकार जनता के लिए होती है और जनता की भावना के अनुकूल पेड़ सुरक्षा अधिनियम बनाया जाना चाहिए । किशनाराम गोदारा ने कहा कि धरने के कारण हजारों खेजडिया बची हुई है । सन 2002 में भानीपुरा वितरिका बनी थी 20 साल से वे सिंचाई के लिए पानी के पैसे सरकार में भर रहे हैं यह सिंचित भूमि और हरा-भरा बगीचा सोलर प्लांट को आवंटित कर दिया गया है मगर किसी भी सूरत में खेजडिया काटने नहीं दी जाएगी । पर्यावरण संघर्ष समिति के रिछपाल फौजी ने कहा कि अधिकारियों की सांठगांठ के कारण वृक्षों को भारी नुकसान हो रहा था इसलिए 18 जुलाई से लगातार वे धरने पर बैठे हैं ।सुभाष भांभू खारा ने मंच का संचालन किया और कानून बनाकर खेजड़ी की कटाई पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने तक धरना जारी करने की बात पर जोर दिया और सभी को समर्थन करने का आग्रह किया ।

        श्री जंभेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा प्रदेश संस्था राजस्थान के अध्यक्ष रामरतन बिश्नोई ने कहा कि पेड़ सुरक्षा अधिनियम बनाना सरकार के लिए कोई मुश्किल काम नहीं है इस अधिनियम के बनने से प्रकृति पेड़ पौधे वन्य जीव बचेंगे तापमान पर नियंत्रण होगा और किसी भी वर्ग को कोई नुकसान नहीं होगा । संस्था के प्रदेश सचिव रामगोपाल बिश्नोई ने कहा कि राजस्थान की 50 हजार बीघा भूमि पर सोलर प्लांट लग चुके हैं जिनमें एक लाख से अधिक खेजडिया काटी जा चुकी है अब उनकी कटाई पर प्रतिबंध लगाना अत्यंत आवश्यक हो गया है । संस्था के जिला अध्यक्ष महीराम दिलोइया ने कानून बनाने की मांग को प्रथम पंक्ति में बताया धरने का समर्थन करने वाले समस्त आगंतुकों का हृदय से आभार ज्ञापित किया। संस्था के तहसील अध्यक्ष हरिराम खीचड़ में संघर्ष में तत्पर रहकर कानून बनाने तक धरना जारी रखने की बात कही। नागौर जिला महामंत्री हीरालाल डेलू ने त्रिस्तरीय प्रयास करते हुए संघर्ष जारी रखने की बित कही । श्री डूंगरगढ तहसील अध्यक्ष शिवकैलाश धारणिया,संत पवनपुरी जी महाराज,हरिनारायण जी, कैलाश सियाग ,सुनील भांभू,ओमप्रकाश खीचढ़ ,सुनील गोदारा,मनोहर भादू,धर्माराम गोदारा,इमीलाल नेण,हरिराम धायल,हेतराम रमेश,लालचंद,जयपाल, सहित अनेक वक्ताओं ने विचार रखे।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

Related Articles

Back to top button