
जयबीर सिंह की खास रिपोर्ट (कोटकासिम) राजस्थान से

प्राचीन शिव मंदिर मांघा का माजरा में उत्सव सा माहौल था। शिवरात्रि से एक दिन पहले शिव परिवार की नई मूर्तियों की स्थापना से पहले भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि मंदिर में 70 के दशक की शिव परिवार की मूर्तियों को बदलकर नई मूर्तियों की स्थापना की जा रही है। मंदिर के पुजारी सतीश पंडित ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर में सभी मूर्तियां बहुत पुरानी हो चुकी थी। जिन्हे बदलने के लिए पिछले कई वर्षों से योजना बनाई जा रही थी।
गांववासियों की श्रद्धा को देखते हुए बाबा ने हरिद्वार से मूर्तियों को महाकाल मंदिर में लाकर पवित्र किया। शिव परिवार के साथ नंदी की मूर्ति अलग से मंदिर के प्रांगण में स्थापित की जाएगी। शिवलिंग के अलावा मां गौरी, बाबा हनुमान,सरस्वती कि मूर्ति व कार्तिकेय की मूर्तियों शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ स्थापित किया। पूरे सप्ताह मंदिर में भंडारों के अलावा कीर्तन व अन्य गतिविधियां आयोजित होगी। कि पूरे गांव की श्रद्धा का केंद्र शिव मंदिर मांघा का माजरा वर्षों से नै मूर्तियों की स्थापना की बाट जोह रहा था। भोले शंकर की कृपा व गांववासियों के सहयोग से आज वह दिन आ ही गया है। गांव के सैनिकों व अन्य लोगों की भलाई के लिए शिवरात्रि की सुबह हवन का आयोजन किया गया।

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