दिल्लीब्रेकिंग न्यूज़
आईपीएस ऋषिराज सिंह की पुस्तक ‘यूपीएससी परीक्षा की 34 रणनीतियां’ का केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने किया लोकार्पण

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
नई दिल्ली। रिटायर्ड डीजीपी एवं वर्ष 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी ऋषिराज सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘यूपीएससी परीक्षा की 34 रणनीतियां’ का भव्य लोकार्पण केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल के दिल्ली स्थित निवास पर आयोजित समारोह में हुआ। केंद्रीय मंत्री श्री मेघवाल ने पुस्तक का लोकार्पण किया।
यह पुस्तक राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अमीनुद्दीन को समर्पित है। डॉ. अमीनुद्दीन मध्यकालीन इतिहास के प्रसिद्ध प्रोफेसर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल और आईपीएस श्री ऋषिराज सिंह को यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया था। उनके मार्गदर्शन से प्रेरणा लेकर श्री ऋषिराज सिंह आईपीएस अधिकारी बने। पुस्तक को अपने गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
समारोह में केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने अपनी सिविल सेवा यात्रा के अनुभव साझा करते हुए यूपीएससी अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपनी जीवन यात्रा में धर्मपत्नी और गुरु के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने अपनी पुस्तकों ‘एक सफर हमसफर के साथ’ और ‘पचपन और बचपन’ का जिक्र करते हुए कहा कि किताबें पढ़ना व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि ऋषिराज सिंह की यह पुस्तक यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए एक सेतु का काम करेगी और उन्हें कठिनाइयों का सामना करने के लिए मार्गदर्शन एवं हौसला देगी। केंद्रीय मंत्री ने ऋषिराज सिंह को पुस्तक के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम का संचालन प्रभात प्रकाशन के निदेशक श्री प्रभात कुमार ने किया। उन्होंने उपस्थित अतिथियों का परिचय करवाते हुए उनके जीवन के अनुभवों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल स्वयं लेखक हैं और उन्होंने अपनी जीवनसंगिनी पर ‘एक सफर हमसफर के साथ’ पुस्तक लिखी है। उन्होंने बताया कि लेखक श्री ऋषिराज सिंह वर्ष 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं और उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभवों के आधार पर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए 34 रणनीतियां पुस्तक में प्रस्तुत की हैं।
रिटायर्ड डीजीपी श्री ऋषिराज सिंह ने अपने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए वर्ष 1985 में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी से जुड़े अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि पुस्तक में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए 34 रणनीतियां दी गई हैं, जिनके माध्यम से अभ्यर्थी अपनी तैयारी को बेहतर और रणनीतिक बना सकते हैं। पुस्तक में परीक्षा प्रक्रिया, क्या पढ़ना है, परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन के साथ प्रश्नों के उत्तर कैसे देने हैं तथा व्यक्तित्व परीक्षण यानी इंटरव्यू की तैयारी कैसे करनी है, जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए गए हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के भास्कराचार्य कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री भवानी शंकर कुमावत ने भी पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने यूपीएससी तैयारी के अनुभव साझा करते हुए अभ्यर्थियों के लिए पुस्तक की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि यूपीएससी में सफलता के लिए केवल कठिन परिश्रम पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही दिशा, सुव्यवस्थित रणनीति, निरंतरता, समय का सदुपयोग, परीक्षा की प्रकृति को समझना और अपनी गलतियों से सीखने की क्षमता भी आवश्यक है। इस दृष्टि से यह पुस्तक अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी एवं महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के अंत में प्रभात प्रकाशन की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया गया।

Subscribe to my channel


