
रिपोर्टर मोनू शर्मा की रिपोर्ट
उरई जालौन। जिलाधिकारी जालौन चाँदनी सिंह व रामपुरा ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह ने स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित सामुदायिक पोषण वाटिका का स्थलीय निरीक्षण कर जैव उर्वरक / कीटनाशक के उपयोग से उत्पादित सब्जी की खेती से होने वाले आर्थिक व स्वास्थ्य लाभ पर महिलाओं से जनसंवाद कर खेतों में पहुंचकर ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ के उपयोग पर बल दिया।

जनपद की उत्तरी सीमा पर पंचनद के तट पर खेतों में परमार्थ समाज सेवी संस्थान द्वारा आयोजित स्वयं सहायता समूह की सामुदायिक पोषण वाटिका के द्वारा जैव उर्वरकों की सहायता से उत्पादित हरी सब्जियों की प्रदर्शनी आयोजित की गई जिसमें जिलाधिकारी जालौन ने खेत खेत जाकर बगैर रासायनिक उर्वरकों की मदद से प्राकृतिक जैविक उर्वरकों के द्वारा उत्पादित सब्जियों की खेती का स्थलीय निरीक्षण कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिलाधिकारी जालौन चांदनी सिंह ने कहा कि पंचनद क्षेत्र में संचालित सामुदायिक पोषण वाटिका आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने व स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की दृष्टि से सकारात्मक एवं सराहनीय प्रयास है । स्वयं सहायता समूह के इस प्रयास को मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार मिलने पर इस प्रकार की ऑर्गेनिक खेती करने की होड़ लग जाएगी एवं दूर-दूर से लोग इस खेती को देखने के लिए एवं यहां उगाई गई फल सब्जियों को खरीदने की संख्या में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि पवित्र मन से उगाई जाने वाली यह मामूली सब्जियां नहीं है इनमें स्वाद एवं स्वास्थ्य दोनों का समावेश है, इसका प्रचार कर ऑर्गेनिक सब्जियों के क्रेताओं की खोज कर इनकी संख्या बढ़ाकर सब्जियों के उत्पादन कर्ताओं की आय बढ़ाने के लिए कार्य किया जाएगा । जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की अनेक योजनाएं जानकारी के अभाव में फलीभूत नहीं हो पाती हैं अतः इसके लिए ग्रामीण स्तर पर कैंप लगाकर सरकारी योजनाओं की जानकारी दे जन जन तक उनका लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानीय महिलाओं द्वारा कृषि भूमि कम होने की समस्या बताने पर जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम सभा की असमतल भूमि का समतलीकरण करवा कर समूह के नाम पट्टा किया जाए ताकि गैर रासायनिक खेती को बढ़ावा मिल सके एवं प्रति ग्रामीण परिवार की आय को बढाया जा सके।

इस अवसर पर जिला अधिकारी मैडम ने अधीनस्थों को निर्देश दिया कि पंचनद क्षेत्र में बाढ़ के दौरान उत्पन्न मुसीबतों का सामना करने की रणनीति बनाई जाए ताकि स्थानीय आर्थिक क्षति को बचाया जा सके एवं बाढ़ के दौरान हुए नुकसान का आंकलन कर उन्हें यथोचित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए व बाढ़ में पूर्ण ध्वस्त हुए मकानों का सर्वे किया जाए ताकि पीड़ितों को आवास उपलब्ध कराया जा सके एवं किसान सम्मान निधि की समीक्षा कर पात्र लोगों को सुनिश्चित रूप से किसान सम्मान निधि प्राप्त कराने का बंदोबस्त किया जाए व युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं ताकि यहां के पलायन को भी रोका जा सके । मुख्य विकास अधिकारी अभय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पंचनद कंजौसा क्षेत्र में रोजगार के अनेक अवसर हैं, इसके लिए महिलाएं ग्रामीण स्तर पर मिष्ठान व अल्पाहार की दुकानें, पोषण गृह उद्योग के तहत घरेलू उत्पाद हेतु वह सिलाई, कढ़ाई , रेडीमेड गारमेंट कार्य हेतु महिलाओं को तथा युवाओं को मोबाइल रिपेयरिंग ऑटो मोबाइल रिपेयरिंग हेतु निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह सेंगर , डॉक्टर संजय सिंह परमार्थ, अनिल कुमार सिंह परमार्थ, राजीव कुमार सिंह बैस थानाध्यक्ष रामपुरा सहित अनेक अधिकारी कर्मचारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
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