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पंचायत राज चुनाव 2026: अणुव्रत समिति जसोल ने की आदर्श चुनाव आचार संहिता के पालन की अपील
मतदाताओं से भय, लालच और दबाव से मुक्त होकर मतदान करने का आह्वान, जीतने और हारने वाले उम्मीदवारों से ग्रामीण एकता और सद्भाव बनाए रखने की अपील

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जसोल/खारिया, 27 अक्टूबर 2026। राजस्थान में पंचायत राज चुनाव 2026 के मद्देनजर अणुव्रत समिति जसोल ने सभी मतदाताओं एवं चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से आदर्श अणुव्रत चुनाव आचार संहिता का पालन करने की अपील की है। समिति ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी से सहयोग का आह्वान किया है।
अणुव्रत समिति जसोल के मंत्री सफरूखान ने बताया कि राजस्थान में निकाय चुनावों के बाद अब पंचायत राज चुनाव प्रक्रिया जारी है। चार चरणों में होने वाले चुनावों के प्रथम चरण के बाद 28 एवं 30 अक्टूबर को दूसरे दौर की चुनावी प्रक्रिया प्रस्तावित है।
मतदाताओं और उम्मीदवारों से पांच प्रमुख अपील
समिति के मंत्री सफरूखान ने सभी मतदाताओं एवं उम्मीदवारों से आग्रह करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
उन्होंने आदर्श अणुव्रत चुनाव आचार संहिता के तहत पांच महत्वपूर्ण संदेश दिए।
1. प्रत्येक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करे।
2. भय, लालच अथवा किसी भी प्रकार के दबाव में आकर न तो मतदान करें और न ही किसी अन्य व्यक्ति को ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
3. चुनाव के दौरान शराब, अन्य नशीले पदार्थ अथवा धन का प्रलोभन न स्वीकार करें और न ही किसी को देने या वितरित करने का प्रयास करें।
4. किसी व्यक्ति, उम्मीदवार, जाति, धर्म अथवा राजनीतिक दल के विरुद्ध अनैतिक, अपमानजनक या चरित्र हनन करने वाली टिप्पणियों से बचें।
5. चुनाव प्रचार, मतदान, मतगणना, परिणाम घोषणा एवं विजय जुलूस के दौरान चुनाव संबंधी नियमों और आदर्श आचार संहिता का पूर्ण पालन करें। किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि से दूर रहें।
जीतने वाले उम्मीदवार को पहली माला पहनाए हारने वाला प्रत्याशी
सफरूखान ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी भाईचारे और सद्भावना को बनाए रखने के लिए एक अनूठा संदेश भी दिया।
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद विजयी उम्मीदवार को पहली माला चुनाव में पराजित उम्मीदवार द्वारा पहनाई जानी चाहिए। वहीं विजयी प्रत्याशी भी पराजित उम्मीदवार को गले लगाकर आपसी प्रेम, सम्मान और एकता का परिचय दे।
उन्होंने खेल के मैदान का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार खेल में एक खिलाड़ी जीतता है और दूसरा हारता है, लेकिन मैदान से बाहर निकलने के बाद दोनों साथ बैठकर चाय-नाश्ता करते हैं, उसी प्रकार चुनावी प्रतिस्पर्धा समाप्त होने के बाद सभी को आपसी मतभेद भुलाकर गांव के विकास के लिए एकजुट होना चाहिए।
चुनावी प्रतिस्पर्धा से ऊपर हो ग्रामीण एकता
अणुव्रत समिति जसोल ने संदेश दिया कि चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है, इसे आपसी दुश्मनी या सामाजिक विभाजन का कारण नहीं बनने देना चाहिए। चुनाव में हार-जीत स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन ग्रामीण एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवता सर्वोपरि होनी चाहिए।
समिति ने सभी नागरिकों से शांतिपूर्ण मतदान करने तथा चुनाव परिणामों के बाद भी आपसी प्रेम और भाईचारा बनाए रखने का आह्वान किया।
जय अणुव्रत, जय ग्रामीण एकता, जय मानवता।
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