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श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव: तीन गांवों के क्षत्रिय समाज ने की 22.08 लाख रुपये के जनसहयोग की घोषणा

धनवा, भाऊगिरी जी का मीठा और भाटा गांव में निमंत्रण एवं जनसहयोग यात्रा का भव्य स्वागत, 2 सितंबर 2027 को होगा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग

तिलवाड़ा, 16 अक्टूबर 2026। मालाणी क्षेत्र की गौरवशाली धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से श्री रावल मल्लीनाथ श्री राणी रूपादे संस्थान, तिलवाड़ा द्वारा निकाली जा रही निमंत्रण एवं जनसहयोग यात्रा शुक्रवार को धनवा, भाऊगिरी जी का मीठा और भाटा गांव पहुंची। तीनों गांवों में क्षत्रिय समाज के सरदारों ने यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए श्री रावल मल्लीनाथ जी के भव्य मंदिर निर्माण एवं आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए कुल 22 लाख 8 हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की।

यह यात्रा सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज एवं श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल के महंत श्री श्री 1008 श्री गणेशपुरी जी महाराज के पावन सान्निध्य तथा संस्थान की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल के नेतृत्व में निकाली जा रही है।

2 सितंबर 2027 को होगा भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव

संस्थान के सचिव सुमेर सिंह वरिया ने बताया कि मालाजाल–तिलवाड़ा परिसर में संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव आगामी 2 सितंबर 2027 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया (भादवा बीज) के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।

इस ऐतिहासिक आयोजन में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शारदीय नवरात्रा की बीज पर श्री रावल मल्लीनाथ जी की जन्मस्थली गोपड़ी से निमंत्रण एवं जनसहयोग यात्रा प्रारंभ की गई थी।

तीन गांवों से मिली 22.08 लाख रुपये के सहयोग की घोषणा

शुक्रवार को यात्रा के दौरान धनवा, भाऊगिरी जी का मीठा और भाटा गांव में समाज के लोगों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें मंदिर निर्माण एवं आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी दी गई।

इस दौरान क्षत्रिय समाज के सरदारों ने श्रद्धाभाव के साथ सहयोग राशि की घोषणाएं कीं।

– धनवा गांव: 6 लाख 1 हजार रुपये।

– भाऊगिरी जी का मीठा: 9 लाख 10 हजार रुपये।

– भाटा गांव: 6 लाख 97 हजार रुपये।

इस प्रकार तीनों गांवों से कुल 22 लाख 8 हजार रुपये की राशि श्रद्धासुमन के रूप में अर्पित करने की घोषणा की गई।

धनवा गांव में समाज के लोगों ने दिखाई उदारता

धनवा गांव में बींजराज सिंह ने 1 लाख 1 हजार रुपये, नारायण सिंह ने 31 हजार, जुगत सिंह ने 81 हजार, शैतान सिंह ने 51 हजार, हड़मत सिंह ने 31 हजार, कल्याण सिंह ने 31 हजार, लाधु सिंह ने 25 हजार, आम्ब सिंह ने 51 हजार, बलवंत सिंह ने 51 हजार, सुल्तान सिंह ने 51 हजार, हड़मत सिंह ने 25 हजार, नरपत सिंह ने 51 हजार तथा उम सिंह ने 21 हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की।

भाऊगिरी जी का मीठा में उत्साहपूर्वक हुआ जनसहयोग

भाऊगिरी जी का मीठा में छैल सिंह, शैतान सिंह, छोटू सिंह एवं समस्त भूर सिंह परिवार ने संयुक्त रूप से 2 लाख 11 हजार रुपये देने की घोषणा की।

इसी प्रकार मूल सिंह, छत्तर सिंह एवं मुकन सिंह परिवार ने 1 लाख 51 हजार, जोध सिंह एवं पदम सिंह ने 1 लाख 25 हजार, सोहन सिंह परिवार के सदस्यों ने 1 लाख 51 हजार तथा देवी सिंह, अर्जुन सिंह, दीप सिंह, सूर सिंह एवं समस्त परिवार ने 1 लाख 11 हजार रुपये की घोषणा की।

इसके अतिरिक्त अन्य परिवारों एवं समाज के सदस्यों ने भी अपनी श्रद्धा के अनुरूप सहयोग राशि देने का संकल्प व्यक्त किया।

भाटा गांव में भी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

भाटा गांव में नरपत सिंह ने 1 लाख 1 हजार रुपये, नारायण सिंह ने 1 लाख 11 हजार, अर्जुन सिंह ने 2 लाख 1 हजार, गणपत सिंह ने 51 हजार, रिड़मल सिंह ने 31 हजार, भगवान सिंह ने 1 लाख 51 हजार तथा दिलीप सिंह एवं श्रवण सिंह ने संयुक्त रूप से 51 हजार रुपये की राशि अर्पित करने की घोषणा की।

मालाणी की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना उद्देश्य: कुँवर हरिशचंद्र सिंह

संस्थान की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी एवं श्री राणी रूपादे जी मालाणी क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता के प्रमुख आधार हैं।

उन्होंने कहा कि श्री रावल मल्लीनाथ जी के भव्य मंदिर का निर्माण केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि मालाणी की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

इससे आने वाली पीढ़ियों को श्री रावल मल्लीनाथ जी के शौर्य, पराक्रम, धर्मनिष्ठा एवं लोककल्याणकारी आदर्शों से प्रेरणा मिलेगी। वहीं श्री राणी रूपादे जी की भक्ति, समानता, मानव सेवा एवं सामाजिक समरसता की परंपरा समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देती रहेगी।

मालाणी की छत्तीस कौम को महोत्सव से जोड़ने का संकल्प

संस्थान के अनुसार निमंत्रण एवं जनसहयोग यात्रा का उद्देश्य मालाणी क्षेत्र के उन सभी गांवों तक पहुंचना है, जहां श्री रावल मल्लीनाथ जी के वंशज एवं परिवारजन निवास करते हैं।

यात्रा के माध्यम से मंदिर निर्माण के लिए जनसहयोग जुटाने के साथ ही आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में संपूर्ण मालाणी क्षेत्र की छत्तीस कौम को सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

संस्थान ने सर्व समाज से 2 सितंबर 2027 को आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक धार्मिक महोत्सव में सपरिवार शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है।

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

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