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बालोतरा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित, मानसिक रोगियों के अधिकारों पर दिया जोर

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
बालोतरा, 10 अक्टूबर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोतरा एवं स्नेह मनोविकास विद्यालय (सवेरा संस्थान, बालोतरा) के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय नाहटा अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने, मानसिक रोगों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के विधिक एवं मानवाधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य को सामान्य स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखें: एम.आर. सुथार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश एम.आर. सुथार ने अपने संबोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शारीरिक बीमारी होने पर व्यक्ति बिना किसी संकोच के चिकित्सक से परामर्श लेता है, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी सामान्य स्वास्थ्य समस्या मानकर उनका समय पर उपचार करवाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे व्यक्ति उपेक्षा के नहीं, बल्कि सहानुभूति, सम्मान और उचित देखभाल के हकदार हैं। उनके कानूनी एवं मानवीय अधिकारों की रक्षा करना न्यायपालिका के साथ-साथ पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है, ताकि वे भी सम्मान और गरिमा के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।
निःशुल्क कानूनी सहायता एवं पुनर्वास सुविधाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोतरा के सचिव नुकेश भगोरा ने प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली विधिक सहायता एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने नालसा की मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना के बारे में बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तियों और उनके परिवारों को निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श तथा पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सही मार्गदर्शन एवं संसाधनों के अभाव में न्याय और उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने आमजन से अपील की कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को छिपाने के बजाय खुलकर सामने आएं तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श और कानूनी सहायता प्राप्त करें।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पोस्टर का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, अधिकारों और संवेदनशीलता का संदेश देने वाले विशेष पोस्टर का विमोचन किया। पोस्टर के माध्यम से लोगों को मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति हीन भावना रखने और सामाजिक उपेक्षा करने के बजाय उन्हें उचित चिकित्सकीय परामर्श, पारिवारिक सहयोग एवं स्नेह प्रदान करने का संदेश दिया गया।
पोस्टर में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अधिकारों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध सहायता की जानकारी भी प्रदर्शित की गई। इसका उद्देश्य समाज में मानसिक रोगों को लेकर व्याप्त भ्रांतियों और संकोच को दूर करना तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करना है।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर डिप्टी सीएमएचओ बालोतरा डॉ. रोहताश, राजकीय नाहटा अस्पताल के प्रभारी डॉ. राणमल खत्री, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. पूजा सिंघल, सवेरा संस्थान के सचिव सत्यनारायण, जीव दया कल्याण समिति के हीरालाल प्रजापति, वी क्लब बालोतरा की सचिव श्रीमती खुशबू ढेलड़िया तथा अधिवक्ता कैलाश माहेश्वरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसिक समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, समय पर उपचार और उनके अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

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