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किसानों-मजदूरों ने 11 सूत्रीय स्थानीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

MSP की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी, मनरेगा मजबूत करने सहित राष्ट्रीय स्तर की मांगें भी उठाईं

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

 

बीकानेर, 10 अगस्त। भारत छोड़ो दिवस की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन में अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन एवं सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) द्वारा सोमवार को देशव्यापी जेल भरो एवं विरोध कार्यक्रम के तहत बीकानेर में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में किसानों, खेत मजदूरों, औद्योगिक श्रमिकों, ग्रामीण मजदूरों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं सहित मेहनतकश वर्गों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

संगठनों ने मांग की कि सभी फसलों के लिए C2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी तथा सरकारी खरीद सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाया जाए। किसानों एवं दिहाड़ी मजदूरों की बढ़ती ग्रामीण ऋणग्रस्तता को समाप्त करने के लिए व्यापक ऋणमाफी लागू करने तथा किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा एवं पुनर्वास देने की मांग भी की गई।

ज्ञापन में चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने, श्रमिकों के लिए ₹42 हजार प्रतिमाह वैधानिक न्यूनतम वेतन, मनरेगा में 200 दिन रोजगार की गारंटी तथा ₹700 प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। विद्युत निजीकरण विधेयक, बीज विधेयक तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग भी की गई।

बीकानेर की स्थानीय समस्याओं को लेकर भी उठाई आवाज

प्रदर्शनकारियों ने बीकानेर एवं संभाग से जुड़ी विभिन्न स्थानीय मांगों को भी ज्ञापन में शामिल किया। श्रीडूंगरगढ़ में ट्रॉमा सेंटर एवं उप जिला अस्पताल का निर्माण शुरू करवाने, बीकानेर में कृषि कुओं को 8 घंटे बिजली देने तथा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते मेडिकल एवं नशीले पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) में खरीफ फसलों को बचाने के लिए वर्तमान सिंचाई रेगुलेशन में बदलाव कर चार में से दो समूहों को सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने की मांग की गई। किसानों का कहना है कि कम बारिश के कारण नहरी क्षेत्र में फसलें प्रभावित हो रही हैं, ऐसे में पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।

इसके अलावा बीकानेर में सफाई एवं नाली व्यवस्था सुधारने, पीबीएम अस्पताल में चिकित्सकों, नर्सिंग एवं सहायक स्टाफ की भर्ती करने, श्रमिकों एवं कार्मिकों के लिए 8 घंटे का कार्य समय तथा साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करने की मांग की गई।

युवाओं के लिए पुलिस, सेना एवं अर्धसैनिक बलों में भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, बीकानेर में बिजली कटौती एवं ट्रिपिंग बंद करने तथा डिमांड भर चुके उपभोक्ताओं को तत्काल बिजली कनेक्शन देने की मांग भी उठाई गई।

राजस्थान में खेजड़ी वृक्षों की कटाई पर रोक लगाने तथा प्रभावी ट्री एक्ट बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

केंद्र सरकार से भी कई मांगें

संगठनों ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) को मजबूत करने, साइलो के निजीकरण पर रोक लगाने, उर्वरकों की कमी एवं कालाबाजारी समाप्त करने, किसानों के लिए व्यापक सार्वजनिक क्षेत्र की फसल एवं पशुधन बीमा योजना लागू करने तथा प्रत्येक खेत तक सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को ₹10 हजार प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए पर्याप्त राहत व्यवस्था, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के लिए बजट बढ़ाने तथा सहकारी समितियों एवं किसान उत्पादक संगठनों को कॉरपोरेट कब्जे से बचाने की मांग भी रखी गई।

ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने राष्ट्रपति से किसानों, मजदूरों एवं मेहनतकश वर्गों से जुड़े इन मुद्दों पर केंद्र सरकार को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत कराने का आग्रह किया।

ज्ञापन अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS), अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन (AIAWU), सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU/सीटू) एवं संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से प्रस्तुत किया गया।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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